अंधा व्यक्ति ध्यान केंद्रित करता है जबकि आंखों वाला यहां वहां-तिलक सिंह

अंधा व्यक्ति ध्यान केंद्रित करता है, आंखों वाला यहां वहां-तिलक सिंह
                         जादू की कला महान,जूनियर आनंद जादूगर की आंखों पर पट्टी बांधी 
                                                                               डा.एल.एन.वैष्णव






दमोह/ 06/04/2016--यह हमारा सौभाग्य है कि विश्व में अनेक कीर्तिमान स्थापित करने वाले महान जादूगर आनंद हमारे पडोसी जिले जबलपुर के ही हैं तथा आज हमारे बीच आये हुये हैं। इनकी बेबाकी एवं साफ सुथरी बोलने के कारण मुझे बहुत प्रभावित किया है यह बात जिले के पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह ने कही। श्री सिंह स्थानीय मानस भवन में आयोजित होने जा रहे जादू के कार्यक्रम के शुभारंभ के पूर्व यहां जूनियर जादूगर आनंद की आंखों पर पट्टी बांधने के लिये आये हुये थे। इस अवसर पर इन्होने कहा कि निश्चित रूप से यह संदेश देना कि यातायात के नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है लोगों को लाभकारी होगा। श्री सिंह ने कहा कि इन्होने सही कहा है कि अंधे व्यक्ति की मौत आज तक सडक दुर्घटना में नहीं हुई इसका कारण है कि अंधा व्यक्ति अपना ध्यान लक्ष्य पर केन्द्रित करता है जबकि आंख वाला यहां वहां। जिले में लगातार बढ रही सडक दुर्घटनाओं के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि नागरिकों को स्वयं इस दिशा में सोचना होगा कि वह थोडी सी जल्दी के पीछे क्यो अपनी जिंदगी से खेलते हैं। 
तो आप किराया कम कर दो-
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मालती असाटी के द्वारा जब जादूगर आनंद से यह आग्रह किया गया कि वह टिकिट कम कर दें ताकि गरीब भी शो को देख सकें तो इस पर जादूगर आनंद के द्वारा दिये गये उत्तर से जहां तालियां एवं ठहाके लगे तो वहीं अध्यक्षा के चेहरे से हवाईयां भी उडने लगी। श्री आनंद ने कहा कि हम से निर्धारित किराया से दोगुना आप वसूल रही हैं आप जनता के हित में इतना कर दें हम टिकिट कम कर देंगे। हालांकि गत दिवस हुई पत्रकार वार्ता के दौरान जादूगर आनंद ने इस बात को स्पष्ट कर दिया था कि दिव्यांग,गरीब एवं छात्र-छात्राओं को हम विशेष छुट के तहत शो दिखाते हैं वह हमारे अतिथि होते हैं। 
पट्टी बांध फर्राटे से दौडी मोटर साईकिल-
जूनियर आनंद जादूगर ने भी अनुभवों को साझा किया तो वहीं आंखों पर पट्टी बांध मोटर साईकिल को सडकों पर दौडाया। इस अवसर पर विभिन्न परतों में आंखों को ढका गया तथा आग के गोलों के मध्य से मोटर साईकिल को निकाल नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुये कुछ ही मिनटों में यातायात के नियमों का पालन करते हुये वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

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