खबर का असर-

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       नये डिवाईडर बनाने बनने लगा वेश परन्तु पुराने उसी ढर्रे पर ?
डा.एल.एन.वैष्णव

दमोह/ 07/04/2016 जिला मुख्यालय पर निर्मित हो रहे डिवाईडरों का वेश आखिर तैयार किया जाने लगा है उसके लिये सडक को पुन:खोद कार्य प्रारंभ कर दिया गया है लेकिन पूर्व में प्रारंभ किये गये निर्माण को उसी स्थिति में पूर्ण करने का प्रयास होता रहा। विदित हो कि गत दिवस ही बिना वेश के बन रहे डिवाईडरों को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया था जिसके चलते दूसरे ही दिन एमपीआरडीसी कुछ अधिकारी निर्माण स्थल पर पहुंचे थे। सूत्र बतलाते हैं कि उक्त मामले को लेकर अधिकारियों ने ठेकेदार की खामियों को जांच के दौरान कडे निर्देश दिये कि निर्माण में लापरवाही साफ दिखलाई दे रही है।  विदित हो कि तीन गुल्ली से लेकर कटनी तक का सडक निर्माण कार्य अपनी कछुआ गति से चल रहा है और यह मार्ग 119 किलोमीटर का बनना था सडक कार्य का तो लगभग पूर्ण होने की बात की जा रही है परन्तु कितनी,कैसे और कहां बनी यह तो सब जग जाहिर है।  
नये के लिये वेश तथा पूराने उसी ढर्रे पर --


उक्त सडक निर्माण के दौरान नगर के अंदर बन रहे डिवाईडरों में बनाओ मिटाओ की राजनीति लगातार चल रही है। बिना वेश के बनने वाले इन डिवाईडरों की गुणवत्ता सहित इनकी निर्धारित उम्र पूर्ण करने में संशय उत्पन्न होने लगा है? जांच के दौरान लगी फटकार के बाद ठेकेदार द्वारा नये के निर्माण के लिये सडक को खोदकर वेस डालना प्रारंभ कर दिया जबकि पूर्व में प्रारंभ हो चुके डिवाईडर को उसी स्थिति में पूर्ण करने की दिशा में कार्य को तेज कर दिया है।  इस विषय के जानकार बतलाते हैं कि इस प्रकार के निर्माण किये ही नहीं जा सकते हैं? वहीं दूसरी ओर बतलाया जा रहा है कि कंपनी किसी भी प्रकार अपना कार्य समेट कर यहां से भागने की तैयारी में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीओटी के तहत उक्त सडक का निर्माण कराया जा रहा है तथा एमपीआरडीसी की पूरी निगरानी इसमें होती है। साथ ही भारत सरकार के संबधित विभाग के मानकों के आधार पर इसको बनना या बनाना चाहिये? 

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