हम डॉ. भीमराव अम्बेडकर के उत्तराधिकारी नहीं बन पाये-सांसद प्रहलाद पटैल

हम डॉ. भीमराव अम्बेडकर के उत्तराधिकारी नहीं बन पाये-सांसद प्रहलाद पटैल 

ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

दमोह : 14 अप्रैल 2016 भारत रत्न एवं संविधान रचेयता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के महू जिले स्थित डॉ. अम्बेडकर स्मारक स्थल पर आयोजित एक विशाल समारोह में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान को ग्रामोदय से भारत उदय ध्वज सौपा कर ग्रामोदय से भारत उदय  कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी के तहत आज स्थानीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय में सांसद प्रहलाद पटैल, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल, नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि आर्पित कर जिलास्तरीय ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद श्री पटैल ने छात्र-छात्राओं को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया वहीं प्राचार्य के.पी.अहिरवार ने मंचासीन अतिथियों का सम्मान किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने प्रदेश की जनता को दिये संदेश को सुना गया। 
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये सांसद प्रहलाद पटैल ने कहा सही मायने में हम भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के उत्तराधिकारी नहीं बन पाये अनुयायी ही बन पाये हैं। उन्होने कहा मुझे लगता है किन बातों में हम जी रहे हैं, जमीन हमारा, धन हमारा है, रूपये के चलन के लिये किसी बैंक की जरूरत पड़ेगी यह सोच डॉ. अम्बेडकर की सोच थी। मुद्रा को हमने प्रधानता दी है, उसी उद्देश्य की लेकर उन्होंने रिजर्व बैंक की स्थापना की। 1927 में मनुस्मृति का गठन किया। उनके जीवन में कितने बदलाव आये, परंतु उन्होंने हार नहीं मानी। 
सांसद श्री पटैल ने कहा सफाई अभियान शूद्र का नहीं बल्कि हम सबको बराबरी से करना चाहिये। उन्होंने कहा सामाजिक समरसता की शपथ लेने की बात नहीं है हमें काम करना चाहिये। इस अवसर पर सासंद श्री पटैल ने शपथ दिलाते हुये कहा हम सब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 125 वीं जयंती वर्ष में 14 अप्रैल 2016 को राष्ट्रीय समरसता दिवस मना रहे हैं। उसी क्रम में उनके जन्म दिवस 24 अप्रैल से पंचायती राज दिवस के मध्य ग्रामोदय से भारत उदय का भी आयोजन हो रहा है। इस अवसर पर हम सामाजिक सद्भाव व समता मूलक समाज की संकल्पना का साकार करने का संकल्प लेते हैं ताकि डॉ. अम्बेडकर के सपनों का ऐसा समाज का निर्माण हो जो सामाजिक समरसता से परिपूर्ण हो। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल ने सम्बोधित करते हुये कहा डॉ. भीमराव अम्बेडकर व्यक्तित्व के बहुत धनी थे, उन्होंने इतिहास रचा है, आज हम उनकी 125 वीं जयंती मना रहे हैं। हमें एक दूसरे से प्यार करना चाहिये तभी हम सभी समरसता का निर्माण कर सकेंगे। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर की शिक्षा के बारे में बताया।


कार्यक्रम प्रारंभ में प्रभारी कलेक्टर डॉ. जगदीश जटिया ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुये कहा आज डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125 वीं जयंती हम समरसता दिवस के रूप में मना रहे हैं, आज से ही ग्रामोदय से भारत उदय कार्यक्रम की शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर ने संविधान में देश की आधी आबादी में महिलाओं को समानता का अधिकार देने का प्रावधान किया। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के जीवन वृतांत पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी ने संबिधान रचियता डॉ. अम्बेडकर द्वारा किये गये कार्यो के संबंध में बताया। उन्होंने कहा हम सब मिलकर समाज को एक करने के बारे में काम करें। इस दौरान  आलोक गोस्वामी ने कहा किसी चीज को लागू करना है या जीवन में उतारना है तो हमें आगे आकर काम करना होगा। उन्होंने पूर्व वक्ताओं द्वारा दिये गये वक्तव्य की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पी.जी.कालेज के प्राचार्य बी.डी.अहिरवाल एवं कमला नेहरू महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के.पी.अहिरवाल ने भी डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व, उनकी शिक्षा दीक्षा, उनके जीवन में आये उतार चढ़ाव के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जे.पी.बी. कन्या शाला की छात्राओं ने म.प्र.गान, आकाशवाणी कलाकार नवोदित निगम ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आलोक सोनवलकर ने तथा आभार प्रदर्शन आदिम जाति कल्याण विभाग संयोजक पी.के.श्रीवास्तव ने व्यक्त किये।


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