सरकारी कर्मचारी नहीं ले सकते उपहार व चंदा

   सरकारी कर्मचारी नहीं ले सकते उपहार व चंदा

  • शासकीय सेवकों पर उपहार लेने,व्यापार करने पर रोक 


                                                               ( डा.एल.एन.वैष्णव )

भोपाल /29-04-2016 -सरकार अपने कार्य में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाने की दिशा में आगे बढते हुये शासकीय सेवकों के उपहारों एवं चंदा के रूप में ली जाने वाली सहयोग राशि के संबध में सीमा तय कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब कोई भी शासकीय सेवक न तो दो हजार रूपये से अधिक का उपहार ले सकता है एवं न ही वह शासकीय कार्य के अतिरिक्त अब अपना कोई व्यापार,व्यवसाय संचालित कर सकेगा। इस नियम के संबध में शासकीय प्रशिक्षण के दौरान जानकारी प्रदान करने का क्रम भी प्रारंभ कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो इस संबध में मंत्रालय में लगभग ग्यारह विभाग के शासकीय सेवकों को जानकारी एक प्रशिक्षण के दौरान दे दी गयी है। सूत्रों की माने तो यह प्रथम अवसर है जब राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने अधीनस्थ शासकीय सेवकों को आचरण नियम तथा विभागीय जांच जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं को लेकर प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया है। विदित हो कि इन मामलों के चलते अनेकों बार सरकार की छबि जहां जनता में धुमिल होने की बात आती रही है तो वहीं न्यायालीन प्रकरणों में भी न्यायालय में पक्ष कमजोर होने से राज्य सरकार को हार का मुंह देखना पडा तथा करोडों रूपयों का नुकसान भी उठाना पडा था। जिसके चलते वह इससे निपटने के लिये प्रयास करने में लगी हुई थी। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मध्यप्रदेश सिविल आचरण नियम 1965 के संबध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। 
उपहारों पर प्रतिबंध,सीमा तय-


प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय सेवकों के लिये उपहारों से लेकर चंदा तक लेेने पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी प्रदान की गयी है। अगर दो हजार रूपये से उपर का कोई भी उपहार लेता है तो इसकी जानकारी शासन को देनी होगी। यह रिश्तेदार या ससुराल से मिलने वाले उपहारों पर भी लागू होगा। यहां तक की कोई भी प्रकार हडताल अगर प्रतिबंधित हो तो नहीं कर सकते हैं साथ ही किसी भी प्रकार का व्यापार व्यवसाय करने पर शासकीय सेवक प्रतिबंध लगा दिया गया है। 

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