होर्डिंग के मामले में न्यायालय सख्त,सरकार को फटकार

होर्डिंग मामले में न्यायालय सख्त,सरकार को फटकार
                  अस्पताल,चौराहों,स्कूल,कालेजों,पुलिस थानों के पास होर्डिंग नहीं लग सकेंगे 
                                                                                                            डा.एल.एन.वैष्णव
भोपाल/12/04/2016 सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाने के मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुये राज्य सरकार को इस दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश जारी किये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके लिये राज्य सरकार ने नियम बनाकर जारी भी कर दिये हैं। अब किसी चिकित्सालय,चौराहे,तिराहे,स्कूल,कॉलेज एवं पुलिस थानों,पार्को के समीप होर्डिंग लगाकर प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा। जहां होर्डिंग लगाये जाने का निर्धारित स्थान तय किया जायेगा उस स्थान के हिसाब से विज्ञापन लगाने की लायसेंस की राशि वहां की जमीन बाजार कीमत के आधार पर तय की जायेगी। जिले के कलेक्ट्रर द्वारा जमीन की जो गाईड लाईन तय होगी उसी प्रकार लायसेंस की फीस भी तय की जायेगी। प्राप्त जानकारी के अनसार जिन क्षेत्रों में 1.50 लाख रूपये प्रति वर्गमीटर से अधिक कीमत की जमीन है वहां पर प्रति बर्ष 7.5 प्रति.लायसेंस की फीस होगी। वहीं 20 हजार रूपये प्रति वर्ग मीटर से कम कीमत वाली जगह पर यह 0.75 होगी।  मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उक्त मामले को लेकर बनाये गये नियमों को नगरीय विकास तथा पर्यावरण की बेबसाईड पर अपलोड कर दिया है। इसको लेकर दावे आपत्तियांं आमंत्रित की गयी है जिसकी अवधी 15 दिवस बतलायी जा रही है। आगे की प्रक्रिया में क्षेत्र का चयन एवं होर्डिंग की परमीशन के लिये टेंडर बुलाकर एजेसिंयों का चयन होगा। 
यहां नहीं लग सकेंगे होर्डिंग-
नये नियमों के हिसाब से होर्डिंग लगाने के लिये जिन स्थानों को प्रतिबंधित किया गया है उनमें ऐतिहासिक भवन एवं हैरिटेज स्थल,स्कूल,कॉलेज,पार्क,पुलिस थाना,अस्पताल,श्मशान घाट,कब्रिस्तान,तिराहे चौराहे सम्मिलित हैं। 
यह हैं प्रावधान-
प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच लाख से ज्यादा आबादी पर सिर्फ यूनिपोल ही लगाये जायेंगे। अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर व्यवसाय से संबधित होर्डिंग लगा सकते हैं। जबकि अश्लीलता को प्रदर्शित करने वाले यौन संबंधों तथा नशे से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों के होर्डिंगों को प्रतिबंध किया गया है। इसी प्रकार सिनेमा हॉल,टांसपोर्ट,बसों,रिक्शा,आटो रिक्शा,दीवालें,ट्री गार्ड,सार्वजनिक समारोह स्थलों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है। 
जुर्माना एवं कार्यवाही-
अब अवैध विज्ञापन करने वालों की खैर नहीं होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध रूप से विज्ञापन होर्डिंग लगाने पर 50 रुपए प्रतिदिन ,प्रति वर्गफुट के मान से लगेगा जुर्माना ठोका जायेगा। वहीं अनुमति वाले विज्ञापन में यदि प्रथम बार नियम को तोडा जाता है तो 750 रुपए प्रति वर्ग फुट के मान जुर्माना होगा तथा  दूसरी बार में एक बर्ष के लिए अनुमति को  निरस्त कर दिया जायेगा। 

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