प्यासी धरा के लिये वरदान बने कूप,मानव,पशुओं के कंठ भी हो रहे तर

प्यासी धरा के लिये वरदान बने कूप,मानव,पशुओं के कंठ भी हो रहे तर

  जिले में कपिल धारा कूपों से सिंचाई का रकबा,उत्पादन में बढोत्तरी

                                                  डा.एल.एन.वैष्णव


दमोह/14/04/2016- जिले की प्यासी धरा के लिये कूपों का निर्माण वरदान सिद्ध हो रहा है तो मानव,पशुओं के सूखे कंठो को तर करने में भी यह अति उपयोगी हो रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिले में गत बर्षों में निर्माण कराये गये कपिल धारा कूपों की जिनके निर्माण के बाद जिले के बढे भाग की सिंचाई क्षमता में वृद्धि होने से किसानों को सीधा लाभ फसलों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होने पर पडा है। किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है तो धरती की प्यास भी बुझ रही है। भारत सरकार की एक अति महत्वपूर्ण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत हुये उक्त कार्यों का लाभ स्थानीय जाब कार्डधारी मजदूरों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ बनाने पर भी पडा है। ज्ञात हो कि अनुसूचित जाति,जनजाति,बीपीएल एवं लघु सीमांत कृषकों के खेतों में ग्राम पंचायतों द्वारा कूपों के निर्माण खनन कराये जाते हैं। जिले के संबधित विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त योजना के तहत् 10942 कूपों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी थी जिनकी लागत 29152.79 लाख बतलायी जाती है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिये 3546,अनुसूचित जनजाति के लिये 2322 एवं अन्य लघु सीमांत कृषकों की संख्या 5074 बतलाई जाती है जिनमें से 9202 कूपों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसी क्रम में एक और महत्वपूर्ण योजना ने कूपों के मालिकों को सिंचाई एवं उत्पादन बढाने में अमृत का कार्य किया वह है बुंदेलखण्ड पैकेज से पंम्पस उपलब्ध कराये जाने से जिसका लाभ सीधा-सीधा किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर पडा। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पैकेज के तहत् 20 हजार रूपये के अनुदान पर 8729 हितग्राहियों को डीजल एवं विद्युत पंप प्रदान दो चरणों में प्रदान किये गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 19980 हेक्टेयर यानि 47740 एकड भूमि सिंचित हुई है। विभाग से ही प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना प्रारंभ होने के पूर्व 172745.00 क्विंटल उत्पादन रबि का था जो कि अब 431862.00 हो गया है। देखा जाये तो 259117.00 की अर्थात् 249.99 प्रतिशत का प्रभाव उत्पादन वृद्धि पर पडा। इसी क्रम में अगर आर्थिक स्थिति पर नजर डालें तो योजना प्रारंभ के समय जो 3031.80 था वह 7660.75 हो गया यानि प्रभाव के रूप में नजर डालें तो 4628.95 का अर्थात् 252.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। 

इनका कहना है-

 - हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति में वृद्धि तथा जल समस्या से निजात मिलना अच्छा संकेत है। शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पात्रों को मिले इस दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। 
                                                                            डा.जगदीश चंद्र जटिया
                                                                            मुख्य कार्यपालन अधिकारी 
                                                                            जिला पंचायत दमोह म.प्र.
-मनरेगा के तहत जो पात्र हितग्राही हैं उनको लाभांवित करने के लिये शासन की योजना के तहत कार्य लगातार जारी हैं। 
                                                                             विनोद जैन
                                                                       परियोजना अधिकारी 


                                                                              मनरेगा 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अन्नदाता को खून के आॅंसू नहीं रोना पड़ेगा - प्रहलाद सिंह पटेल

नाना साहबपानसे स्मृति कार्यक्रम उचित गरिमा मिलनी चाहिए -प्रहलाद पटेल