अन्नदाता को खून के आॅंसू नहीं रोना पड़ेगा - प्रहलाद सिंह पटेल
अन्नदाता को खून के आॅंसू नहीं रोना पड़ेगा - प्रहलाद सिंह पटेल
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत कृषक मेला संपन्न
दमोह:-05/04/2016- हमारी बुंदेलखण्ड की माटी के धरती पुत्र प्यारे किसान भाइयों, मुझे यह बताते हुऐ गर्व हो रहा कि हमारे देष के जनप्रिय एवं किसान हितैसी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अप्रैल 2016 से दो महत्वपूर्ण योजना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुऐ पूरे देष में शुरू की है। इसी के उपलक्ष्य में आज यह किसान मेला कृषि विज्ञान केन्द्र दमोह में आयोजित किया जा रहा है। यह बात सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने कही। इन्होने कहा कि इसमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का षुभारम्भ किया गया है ताकि किसानों को विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली विभिन्न हानियों से सुरक्षा मिल सकें। इस योजना के अंतर्गत बहुत ही कम प्रीमियम पर किसानों को उनकी पूरी लागत के अनुसार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। प्र्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी जन-जन तक पहुॅचाने के लिए भारतीय कृषि विज्ञाान केंद्र एवं कृषि कल्याण मंत्रालय ने देष के सभी 642 कृषि विज्ञान केंद्रों पर 30 मार्च से 5 अप्रैल 2016 के मध्य एक दिवसीय किसान सम्मेलन एवं कृषि प्रदर्षनी आयोजित करने का निर्णय लिया हेै जिसमें मुख्यतः इस योजना के विभिन्न पहलुओं के विषय में किसानों को जानकारी दी जायेगी। साथ ही कृषि से संबंधित अन्य योजनाओं तथा कृषि की नवीन तकनीकी के बारे में भी किसानों को पूर्ण जानकारी दी जावेगी।
श्री पटेल ने कहा कि इस पहली योजना जो कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है, में किसान की फसल का पूरा बीमा न्यूनतम प्रीमियम पर बीमा कम्पनी करेगी। यदि किसी भी प्राकृतिक आपदा से किसान को नुकसान होता है तो उसकी पूरी भरपाई बीमा कम्पनी करेगी। इससे हमारे अन्नदाता को खून के आॅंसू नहीं रोना पड़ेगा व किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।
दूसरी योजना है, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, इस महत्वाकांक्षी योजना में हमारी सरकार ने यह संकल्प लिया है कि ग्राम स्तर तक सिंचाई क्षेत्र में निवेष को बढ़ाकर हर खेत को पानी उपलब्ध कराना तथा उपलब्ध जल का प्रबंधन कर “चर ड्राप मोर क्राप“ तथ्य को प्राप्त कराना है। इस योजना में तीन मंत्रालय जिसमें (1)जल संसाधन-नदी विकास एवं गंगा पुनरूद्वार मंत्रालय, (2) ग्रामीण विकास विभाग एवं (3) कृषि मंत्रालय की विभिन्न जल संरक्षण, संचयन एवं भूमि जल संवर्धन तथा जल वितरण सम्बंधित कार्यो को समेकित किया गया है।
सांसद श्री पटेल ने अपने संदेष के अंत में कहा कि उन्हे पूर्ण विश्वास है कि उक्त दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन से किसान के जीवन स्तर में काफी सुधार होगा और हमारा अन्नदाता स्वाभिमान के साथ कह सकेगा।

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