
भोपाल : सोमवार, फरवरी 15, 2016 /यात्री व माल वाहक वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा इन वाहनों में स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक) लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय का कडाई से पालन कराने के लिये परिवहन आयुक्त श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी व संभागीय उप परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2016 तक इस तरह के सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर का लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन आर के जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत राज्य में प्रचलित ऐसे सभी मोटरयानों में जो एक अक्टूबर 2015 से पूर्व पंजीकृत हैं तथा जिनमें कोई गति नियंत्रक यंत्र पहले से नहीं लगे हैं। ऐसे वाहनों में एक अप्रैल 2016 तक गति नियंत्रक स्पीड गवर्नर लगाए जाना अनिवार्य है। ऐसे सवारी वाहनों की अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्दिष्ट की गई है।
इसी प्रकार एक अक्टूबर 2015 के पूर्व पंजीकृत माल वहन करने वाले परिवहन यानों जैसे डंपर, टैंकर या स्कूल बस जिनमें कोई गति नियंत्रक पहले से स्थापित नहीं है, उनकी अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा नियंत्रित करते हुए स्पीड गवर्नर लगाये जाना अनिवार्य किया गया है। इसके संबंध में सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे राज्य शासन के इस आदेश का कडाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।
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