नमो सरकार में प्रभु की दौडी रेल,सुविधाओं का विस्तार
मिलेगी आधुनिक सुविधाएं,यात्री किराया,माल भाडा नहीं बडा
( डा.एल.एन.वैष्णव )
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( नई दिल्ली 25/02/2016) देशवासियों के जेब पर पुन: बोझ न डालते हुये नमो सरकार के रेल मंत्री ने यात्रियों की सुविधाओं को बढाने वाला बजट पेश किया। आधुनिक सुविधाओं को देने का वादा कर इन्होने मेक इन इंडिया के सपने के साकार करने की दिशा में एक कदम रेल विभाग का भी बढाया है अगर एैसा कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। भारत की तस्वीर के साथ अब रेल की भी तस्वीर बदलने की दिशा में कदम बढ चुके हैं एैसा प्रस्तुत बजट को देखने सुनने से स्पष्ट्र रूप से देखा जा सकता है। रेल बजट से जहां प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रशंसा की तो वहीं भारत सरकार के मंत्रियों एवं एनडीए के घटक दलों ने भी सराहा है जबकि वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इसकी आलोचना की है। लेकिन रेल बजट को लेकर जनता में जो प्रतिक्रिया है वह सकारात्मक ही कही जा सकती है क्योंकि उसको तो लाभ हुआ है। चार नई रेल गाडियों की घोषणा से जरूर कुछ निराशा रही। मामला रेल विभाग को आधुनिक,विकसित,विश्व स्तरीय बनाने का है सो निश्चित प्रयास सराहनीय कहे जा सकते है क्योंकि घोषणाओं से नहीं अपितु कार्य करने से ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। कहा जाये कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस बार रेलवे की तस्वीर बदल दी है तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी। आने वाले समय में रेलगाडिय़ों को मामला हो या रेलवे स्टेशन का हर तरह से अब आपको सब कुछ नया एवं कुछ आधुनिक देखने मिलेगा । रेल्वे स्टेशन पर वाईफाई, गोल्फ कार्ट, पेपरलेस टिकट, रेलगाड़ी में एलसीडी टीवी पर मन पसंद कार्यक्रम देखने मिले इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश किया। बजट ज्यादातर ध्यान उनका राजस्व जुटाने और यात्री सुविधाओं पर रहा जिसमें अधिकांश के लिए 2020 का लक्ष्य रखा है।
चार नई ट्रेनें-
रेल बजट में चार नई ट्रेनों की घोषणा की गयी है जिसमें तेजस, हमसफर, उदय और अंत्योदय के नाम है। ट्रेनें कहां से कहां तक चलेंगी इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। उदय ट्रेन एसी होगी, डबल डेकर होगी और रात चलेगी। तेजस की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की होगी, जबकि हमसफर में सिर्फ थर्ड एसी के डिब्बे होंगे। अंत्योदय एक्सप्रेस अनारक्षित ट्रेन होगी। अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए जापान के सहयोग से जल्द ही काम शुरू होगा।
बरिष्ठ नागरिक और महिलायें-
रेल बजट में प्रभु ने वरिष्ठ नागरिकों को सभी ट्रेनों में 50 फीसदी सीटों पर आरक्षण मिलने की सुविधा देते हुये कहा कि सभी ट्रेनों में नीचे की 120 बर्थ बुजुर्गों के लिए आरक्षित होंगी। महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटों पर आरक्षण की व्यवस्था की है। साथ महिला हेल्पलाइन के लिए नंबर 182 की भी घोषणा की है। बीच की बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगी।
मेक इन इंडिया-
रेल मंत्री ने बजट में मेक इन इंडिया के तहत 40 हजार करोड़ की लागत से 2 रेल इंजन के कारखाने लगाने पर काम किया जाएगा की घोषणा की । वहीं मानव रहित रेल फाटक 2020 तक खत्म करने की बात कही गई है। जबकि चेन्नई में ऑटो रेल हब बनाया जाएगा।
आस्था सर्किट एवं विश्राम गृह-
देश के तीर्थस्थलों के रेलवे आस्था सर्किट बनाएगा तथा तीर्थयात्रा वाले रेलवे स्टेशनों को विशेष तौर पर चमकाया जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी बेहतर संपर्क व्यवस्था पर जोर दिया है। अगरतला और मणिपुर को रेलवे से जोड़े जाने की बात कही गई है। अब रेलवे स्टेशनों पर विश्रामगृह घंटे के हिसाब से बुक होंगे। रिटायरिंग रूम की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकेगी।
क्या होगा खास,यात्रियों की बल्ले-बल्ले-
रेल यात्री एसएमएस के द्वारा कोच में सफाई की मांग कर सकेंगे, यात्रा के दौरान गाना सुनने की सुविधा मिलेगी तो वहीं कुछ चुने स्टेशनों पर डिस्पोजेवल बिस्तर, जनरल बोगियों में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, यात्रियों की सुविधा के लिए 1700 टिकट वेंडिंग मशीनें लगाईं जायेंगी । इसी क्रम में हाल ही में प्रारंभ की गई महामना एक्सप्रेस ने तो रेलवे के आधुनिकीकरण को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। रेल गाडियों के आधुनिक डिजाइन के कोच के साथ ही बड़े डिब्बों में जीपीएस के जरिए सेटेलाइट से नजर रखी जाती है। दिल्ली में ही मौजूद पुरानी दिल्ली, आनंद विहार व निजामुद्दीन सहित कई रेलवे स्टेशनों पर भी अब तक यह सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं है। रेल मंत्री से उम्मीद है कि देश के विभिन्न स्टेशनों तक जल्द ये सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
मिलेगी वाई फाई सुविधा -
रेल विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधाओं हेतु आगामी 2 बर्ष में देश के 400 रेल स्टेशनों पर वाई फाई लगाए जाएंगे। विदित हो कि गूगल की मदद से वर्तमान समय में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मुफ्त वाई फाई की सुविधा मिल रही है। वहीं दिल्ली के किसी अन्य स्टेशन पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
गोल्फ कार्ट की सुविधा-
देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मरीजों एवं वृद्धों के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध है। जबकि अन्य स्टेशनों पर यह सुविधा नहीं है। नमो सरकार ने उक्त सुविधा अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
एलसीडी पर मन पसंद कार्यक्रम -
रेल यात्रियों के लिए अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होने वाली कालका तथा अमृतसर शताब्दी में सीटों के पीछे एलसीडी टीवी स्क्रीन लगाई गई है। यात्री यात्रा के दौरान इन स्क्रीनों पर अपने मनपसंद मनोरंजक कार्यक्रम देखकर आनंदित होकर सफर कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में अब गाना सुनने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।
शताब्दी में होगा हैंड हेल्ड टर्मिनल-
भारतीय रेलवे ने कुछ माह पूर्व ही अजमेर, कालका व चंडीगढ़ शताब्दी में हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनें टीटी को प्रदान की है जो कि मार्ग में ही यात्री गाड़ी में रिक्त सीटों की जानकारी रेलवे के सिस्टम में डाल देते हैं। जिसके कारण इससे अगले स्टेशन पर मौजूद यात्री को आसानी से टिकट मिलने में सुविधा हो रही है। इसी क्रम में यदि गाड़ी में जगह है तो रास्ते में भी ये यात्री को टिकट दे कर उन्हें सीट उपलब्ध करादी जाती है। जिसके चलते वेटिंग व आरएसी टिकट वाले यात्रियों को भी इस सुविधा से कनफर्म सीट मिलने में मदद मिलेगी।
अग्नि शमन उपकरण-
रेलगाडिय़ों में आग लगने की एक बडी समस्या रही है इससे निपटने के प्रयास के तहत गत वर्ष दिसम्बर 2013 में बंगलुरू-नांदेड एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद रेलवे ने रेल गाडिय़ों में आग से बचाव के कई प्रयोग किए थे । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली एक गाड़ी जम्मू राजधानी में प्रयोगिक तौर पर एक विशेष उपकरण लगाया गया है । इसमें रेल गाड़ी में धुएं की स्थिति में ये उपकरण जहां अपने आप गाड़ी के ब्रेक लगा देता है वहीं पूरी गाड़ी में एलार्म बजने लगते हैं ताकि कोई यात्री सोया न रह जाए। इस तरह के उपकरण अन्य गाडिय़ों में भी लगाए जाने की जरूरत है।
प्रथम सेमी हाई स्पीड ट्रेन-
भारत की प्रथम सेमी हाई स्पीड ट्रेन का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई बार ट्रायल हो चुका है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो मार्च के दूसरे सप्ताह में यह गाड़ी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आगरा के बीच चलने लगेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेगी।
पेपरलेस टिकट-
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पलवल के बीच मोबाइल टिकट की सुविधा शुरू की गई है। यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा नई दिल्ली व निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म टिकट ऑनलाइन लेने की सुविधा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से किसी भी तरह का सीजन टिकट भी ऑनलाइन लिया जा सकता है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में कैश व स्मार्ट कार्ड से अनारक्षित टिकट देने वाली मशीनें लगायी गई हैं। यात्री इनमें पैसे डाल कर कहीं भी जाने के लिए टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
बेड रोल की सुविधा-
आईआरसीटीसी ने कुछ समय पूर्व ऑनलाइन बेड रोल बुकिंग की सुविधा शुरू की है। जिसमें यात्री ऑनलाइन चादर, तकिया व कंबल की बुकिंग कर सकते हैं। इसके लिये 250 रुपए के शुल्क पर उनकी सीट पर ये वस्तुएं उपलब्ध करायी जाएंगी। फिलहाल यह सुविधा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा निजामुद्दीन व सीएसटी रेलवे स्टेशन मुम्बई में उपलब्ध है।
वाटर एटीएम सुविधा-
रेल यात्रियों को आरओ का पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे वाटर एटीएम शुरू कर रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 16 पर आईआरसीटीसी की ओर से एक वाटर एटीएम मशीन लगा भी दी गई है। लगभग हर प्लेटफार्म पर इस तरह की मशीनें लगनी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेशनों पर 2500 वाटर बेंडिंग मशीन लगाई जाएगी।
हॉग तकनीक-
ज्ञात हो कि राजधानी, शताब्दी व अन्य एसी गाडिय़ों को चलाने के लिए फिलहाल इंजन के अलावा गाड़ी में दो जनरेट लगे हुए डिब्बे प्रयोग किए जाते हैं। रेलवे को एचओजी तकनीक के बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। रेलवे जल्द ही गाडिय़ों में चल रहे दो जनरेटर डिब्बों में से एक को हटाने पर विचार कर रही है। ऐसा होता है गाडिय़ों में यात्रियों के लिए एक डिब्बो बढ़ाया जा सकेगा। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को कनफर्म सीट मिल सकेगी। हेड ऑन जनरेशन (एचओजी) तकनीक पर बने इंजन का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रयोग लम्बे समय से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर किया जा रहा है। फिलहाल यह इंजन मुम्बई राजधानी में किया जा रहा है। रेलवे वर्तमान समय में आधुनिकरण के लिए कई सारे प्रयोग कर रही है। इन प्रयोगों में से लगभग सभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ही शुरू होते हैं। दिल्ली में मौजूद अन्य स्टेशनों सहित देश के कई स्टेशनों को इन सुविधाओं का वर्षों से इंतजार है। दिल्ली से वाराणसी के बीच हाल ही में शुरू की गई महामना एक्सप्रेस बदलते रेलवे की एक मिसाल के तौर पर है। इस गाड़ी में जहां आधुनिक डिजाइन की डिब्बे बनाए गए हैं वहीं महंगी एवं डिजाइन फिटिंग्स का भी प्रयोग किया गया है। इस गाड़ी के हर कोच में एलसीडी टीवी स्क्रीन लगायी गई है। ये यात्री को लग्जरी यात्रा की अनुभूति दिलाते हैं। रेलवे में पहली बार किसी गाड़ी पर नजर रखने के लिए सेटेलाइट की मदद ली जा रही है। जीपीएस के जरिए इस गाड़ी की स्थिति के बारे में रेलवे अधिकारी हर समय नजर रख सकते हैं।



( नई दिल्ली 25/02/2016) देशवासियों के जेब पर पुन: बोझ न डालते हुये नमो सरकार के रेल मंत्री ने यात्रियों की सुविधाओं को बढाने वाला बजट पेश किया। आधुनिक सुविधाओं को देने का वादा कर इन्होने मेक इन इंडिया के सपने के साकार करने की दिशा में एक कदम रेल विभाग का भी बढाया है अगर एैसा कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। भारत की तस्वीर के साथ अब रेल की भी तस्वीर बदलने की दिशा में कदम बढ चुके हैं एैसा प्रस्तुत बजट को देखने सुनने से स्पष्ट्र रूप से देखा जा सकता है। रेल बजट से जहां प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रशंसा की तो वहीं भारत सरकार के मंत्रियों एवं एनडीए के घटक दलों ने भी सराहा है जबकि वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इसकी आलोचना की है। लेकिन रेल बजट को लेकर जनता में जो प्रतिक्रिया है वह सकारात्मक ही कही जा सकती है क्योंकि उसको तो लाभ हुआ है। चार नई रेल गाडियों की घोषणा से जरूर कुछ निराशा रही। मामला रेल विभाग को आधुनिक,विकसित,विश्व स्तरीय बनाने का है सो निश्चित प्रयास सराहनीय कहे जा सकते है क्योंकि घोषणाओं से नहीं अपितु कार्य करने से ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। कहा जाये कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस बार रेलवे की तस्वीर बदल दी है तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी। आने वाले समय में रेलगाडिय़ों को मामला हो या रेलवे स्टेशन का हर तरह से अब आपको सब कुछ नया एवं कुछ आधुनिक देखने मिलेगा । रेल्वे स्टेशन पर वाईफाई, गोल्फ कार्ट, पेपरलेस टिकट, रेलगाड़ी में एलसीडी टीवी पर मन पसंद कार्यक्रम देखने मिले इस प्रकार की व्यवस्था की जा रही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में रेल बजट पेश किया। बजट ज्यादातर ध्यान उनका राजस्व जुटाने और यात्री सुविधाओं पर रहा जिसमें अधिकांश के लिए 2020 का लक्ष्य रखा है।
चार नई ट्रेनें-
रेल बजट में चार नई ट्रेनों की घोषणा की गयी है जिसमें तेजस, हमसफर, उदय और अंत्योदय के नाम है। ट्रेनें कहां से कहां तक चलेंगी इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। उदय ट्रेन एसी होगी, डबल डेकर होगी और रात चलेगी। तेजस की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की होगी, जबकि हमसफर में सिर्फ थर्ड एसी के डिब्बे होंगे। अंत्योदय एक्सप्रेस अनारक्षित ट्रेन होगी। अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए जापान के सहयोग से जल्द ही काम शुरू होगा।
बरिष्ठ नागरिक और महिलायें-
रेल बजट में प्रभु ने वरिष्ठ नागरिकों को सभी ट्रेनों में 50 फीसदी सीटों पर आरक्षण मिलने की सुविधा देते हुये कहा कि सभी ट्रेनों में नीचे की 120 बर्थ बुजुर्गों के लिए आरक्षित होंगी। महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटों पर आरक्षण की व्यवस्था की है। साथ महिला हेल्पलाइन के लिए नंबर 182 की भी घोषणा की है। बीच की बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होगी।
मेक इन इंडिया-
रेल मंत्री ने बजट में मेक इन इंडिया के तहत 40 हजार करोड़ की लागत से 2 रेल इंजन के कारखाने लगाने पर काम किया जाएगा की घोषणा की । वहीं मानव रहित रेल फाटक 2020 तक खत्म करने की बात कही गई है। जबकि चेन्नई में ऑटो रेल हब बनाया जाएगा।
आस्था सर्किट एवं विश्राम गृह-
देश के तीर्थस्थलों के रेलवे आस्था सर्किट बनाएगा तथा तीर्थयात्रा वाले रेलवे स्टेशनों को विशेष तौर पर चमकाया जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी बेहतर संपर्क व्यवस्था पर जोर दिया है। अगरतला और मणिपुर को रेलवे से जोड़े जाने की बात कही गई है। अब रेलवे स्टेशनों पर विश्रामगृह घंटे के हिसाब से बुक होंगे। रिटायरिंग रूम की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकेगी।
क्या होगा खास,यात्रियों की बल्ले-बल्ले-
रेल यात्री एसएमएस के द्वारा कोच में सफाई की मांग कर सकेंगे, यात्रा के दौरान गाना सुनने की सुविधा मिलेगी तो वहीं कुछ चुने स्टेशनों पर डिस्पोजेवल बिस्तर, जनरल बोगियों में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, यात्रियों की सुविधा के लिए 1700 टिकट वेंडिंग मशीनें लगाईं जायेंगी । इसी क्रम में हाल ही में प्रारंभ की गई महामना एक्सप्रेस ने तो रेलवे के आधुनिकीकरण को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। रेल गाडियों के आधुनिक डिजाइन के कोच के साथ ही बड़े डिब्बों में जीपीएस के जरिए सेटेलाइट से नजर रखी जाती है। दिल्ली में ही मौजूद पुरानी दिल्ली, आनंद विहार व निजामुद्दीन सहित कई रेलवे स्टेशनों पर भी अब तक यह सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं है। रेल मंत्री से उम्मीद है कि देश के विभिन्न स्टेशनों तक जल्द ये सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
मिलेगी वाई फाई सुविधा -
रेल विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधाओं हेतु आगामी 2 बर्ष में देश के 400 रेल स्टेशनों पर वाई फाई लगाए जाएंगे। विदित हो कि गूगल की मदद से वर्तमान समय में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मुफ्त वाई फाई की सुविधा मिल रही है। वहीं दिल्ली के किसी अन्य स्टेशन पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
गोल्फ कार्ट की सुविधा-
देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मरीजों एवं वृद्धों के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध है। जबकि अन्य स्टेशनों पर यह सुविधा नहीं है। नमो सरकार ने उक्त सुविधा अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
एलसीडी पर मन पसंद कार्यक्रम -
रेल यात्रियों के लिए अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होने वाली कालका तथा अमृतसर शताब्दी में सीटों के पीछे एलसीडी टीवी स्क्रीन लगाई गई है। यात्री यात्रा के दौरान इन स्क्रीनों पर अपने मनपसंद मनोरंजक कार्यक्रम देखकर आनंदित होकर सफर कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में अब गाना सुनने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।
शताब्दी में होगा हैंड हेल्ड टर्मिनल-
भारतीय रेलवे ने कुछ माह पूर्व ही अजमेर, कालका व चंडीगढ़ शताब्दी में हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीनें टीटी को प्रदान की है जो कि मार्ग में ही यात्री गाड़ी में रिक्त सीटों की जानकारी रेलवे के सिस्टम में डाल देते हैं। जिसके कारण इससे अगले स्टेशन पर मौजूद यात्री को आसानी से टिकट मिलने में सुविधा हो रही है। इसी क्रम में यदि गाड़ी में जगह है तो रास्ते में भी ये यात्री को टिकट दे कर उन्हें सीट उपलब्ध करादी जाती है। जिसके चलते वेटिंग व आरएसी टिकट वाले यात्रियों को भी इस सुविधा से कनफर्म सीट मिलने में मदद मिलेगी।
अग्नि शमन उपकरण-
रेलगाडिय़ों में आग लगने की एक बडी समस्या रही है इससे निपटने के प्रयास के तहत गत वर्ष दिसम्बर 2013 में बंगलुरू-नांदेड एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद रेलवे ने रेल गाडिय़ों में आग से बचाव के कई प्रयोग किए थे । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली एक गाड़ी जम्मू राजधानी में प्रयोगिक तौर पर एक विशेष उपकरण लगाया गया है । इसमें रेल गाड़ी में धुएं की स्थिति में ये उपकरण जहां अपने आप गाड़ी के ब्रेक लगा देता है वहीं पूरी गाड़ी में एलार्म बजने लगते हैं ताकि कोई यात्री सोया न रह जाए। इस तरह के उपकरण अन्य गाडिय़ों में भी लगाए जाने की जरूरत है।
प्रथम सेमी हाई स्पीड ट्रेन-
भारत की प्रथम सेमी हाई स्पीड ट्रेन का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई बार ट्रायल हो चुका है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो मार्च के दूसरे सप्ताह में यह गाड़ी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आगरा के बीच चलने लगेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ी 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलेगी।
पेपरलेस टिकट-
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पलवल के बीच मोबाइल टिकट की सुविधा शुरू की गई है। यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा नई दिल्ली व निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म टिकट ऑनलाइन लेने की सुविधा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से किसी भी तरह का सीजन टिकट भी ऑनलाइन लिया जा सकता है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में कैश व स्मार्ट कार्ड से अनारक्षित टिकट देने वाली मशीनें लगायी गई हैं। यात्री इनमें पैसे डाल कर कहीं भी जाने के लिए टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
बेड रोल की सुविधा-
आईआरसीटीसी ने कुछ समय पूर्व ऑनलाइन बेड रोल बुकिंग की सुविधा शुरू की है। जिसमें यात्री ऑनलाइन चादर, तकिया व कंबल की बुकिंग कर सकते हैं। इसके लिये 250 रुपए के शुल्क पर उनकी सीट पर ये वस्तुएं उपलब्ध करायी जाएंगी। फिलहाल यह सुविधा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा निजामुद्दीन व सीएसटी रेलवे स्टेशन मुम्बई में उपलब्ध है।
वाटर एटीएम सुविधा-
रेल यात्रियों को आरओ का पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे वाटर एटीएम शुरू कर रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 16 पर आईआरसीटीसी की ओर से एक वाटर एटीएम मशीन लगा भी दी गई है। लगभग हर प्लेटफार्म पर इस तरह की मशीनें लगनी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टेशनों पर 2500 वाटर बेंडिंग मशीन लगाई जाएगी।
हॉग तकनीक-
ज्ञात हो कि राजधानी, शताब्दी व अन्य एसी गाडिय़ों को चलाने के लिए फिलहाल इंजन के अलावा गाड़ी में दो जनरेट लगे हुए डिब्बे प्रयोग किए जाते हैं। रेलवे को एचओजी तकनीक के बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। रेलवे जल्द ही गाडिय़ों में चल रहे दो जनरेटर डिब्बों में से एक को हटाने पर विचार कर रही है। ऐसा होता है गाडिय़ों में यात्रियों के लिए एक डिब्बो बढ़ाया जा सकेगा। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को कनफर्म सीट मिल सकेगी। हेड ऑन जनरेशन (एचओजी) तकनीक पर बने इंजन का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रयोग लम्बे समय से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर किया जा रहा है। फिलहाल यह इंजन मुम्बई राजधानी में किया जा रहा है। रेलवे वर्तमान समय में आधुनिकरण के लिए कई सारे प्रयोग कर रही है। इन प्रयोगों में से लगभग सभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ही शुरू होते हैं। दिल्ली में मौजूद अन्य स्टेशनों सहित देश के कई स्टेशनों को इन सुविधाओं का वर्षों से इंतजार है। दिल्ली से वाराणसी के बीच हाल ही में शुरू की गई महामना एक्सप्रेस बदलते रेलवे की एक मिसाल के तौर पर है। इस गाड़ी में जहां आधुनिक डिजाइन की डिब्बे बनाए गए हैं वहीं महंगी एवं डिजाइन फिटिंग्स का भी प्रयोग किया गया है। इस गाड़ी के हर कोच में एलसीडी टीवी स्क्रीन लगायी गई है। ये यात्री को लग्जरी यात्रा की अनुभूति दिलाते हैं। रेलवे में पहली बार किसी गाड़ी पर नजर रखने के लिए सेटेलाइट की मदद ली जा रही है। जीपीएस के जरिए इस गाड़ी की स्थिति के बारे में रेलवे अधिकारी हर समय नजर रख सकते हैं।
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