प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्दों के जाल में विपक्ष उलझा,चारों खाने चित्त
अभिभाषण के लिए राष्ट्रपति का मोदी ने किया आभार व्यक्त
सांसदों की ओर से अध्यक्ष श्रीमती महाजन का भी आभार
( डा.एल.एन.वैष्णव )

नई दिल्ली/ 03/03/2016 - प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में जहां सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों,योजनाओं को रखा तो वहीं दूसरी ओर संसद के न चलने के कारण हो रहे देश के नुकसान पर चिंता भी व्यक्त की। श्री मोदी देश के महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समय अपनी बात रख रहे थे। इन्होने इस अवसर पर अपने चिरपरचित अंदाज में शब्द के एैसे जाल को बुना कि एक के बाद एक विपक्ष के नेताओं को उलझते एवं चेहरे पर उडती हवाईयों को देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में गुरुवार को कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। इन्होने कांग्रेस के ही नेताओं में- पंडित जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी के भाषणों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर अनेक बार निशाना साधते हुये चारों खाने चित कर दिया। प्रधान मंत्री ने परोक्ष रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मंदबुद्धि एवं हीनता का शिकार बतलाया।
पढाया अनुशासन का पाठ,बडो का करें आदर-
लगातार एक के बाद एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुये कहा कि यह मेरा यानि नरेंन्द्र मोदी नहीं कह रहे हैं अपितु यह पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू,श्रीमती इंदिरा गांधी,राजीव गांधी ने कहा है। जैसे ही श्री मोदी इनके नामों का उल्लेख करते श्रीमती सोनिया गांधी,राहुल गांधी एवं उनके सहयोगियों के चेहरे सफेद पडते लगातार देखे गये। श्री मोदी ने कहा कि हमें बडो की बातों को सम्मान से देखना चाहिये एवं आदर करना चाहिये। 27 सितंबर 2013 की इस बात को देश भुला नहीं सकता है कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल के अध्यादेश फाडऩे के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि उपदेश देना बहुत आसान होता है।
अधिकारियों को नहीं आता पसीना-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एक समय था जब संसद का नाम सुनते ही अधिकारियों में घबडाहट होने लगती थी परन्तु अब एैसा नहीं होता है? गत बर्षो में देश की एैसी स्थिति होने के लिये कौन जिम्मेदार है यह सब जानते हैं? हमें इस दिशा में सोचना और कार्य करना होगा क्योंकि संसद से बडा कोई स्थान नहीं है इसके लिये। अब सांसदों के सवालों से अधिकारियों को पसीना नहीं आता? इन्होने कहा कि प्रत्येक सांसद मुलाजिमों के लिए प्रधानमंत्री से कम नहीं।
तेरी शर्ट मेरी शर्ट से सफेद क्यों?-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विपक्ष की चिंता इस बात पर है कि तेरी शर्ट मेरी शर्ट से सफेद क्यों?
कांग्रेस कुछ भी कह सकती है कि फलां योजना हमने शुरू की है। सरकार काम कर रही है राज्यों को 2014-15 की तुलना में ज्यादा संसाधन दिए गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि हम तो कांग्रेस की नाकामी से सीख रहे हैं। हमारी आलोचना इसलिए होती है कि तुम हमसे अच्छा क्यों कर रहे हैं। वहीं बुद्धिजीवी विपक्ष की चिंता यही है कि हम कांग्रेस से अच्छा काम कर रहे हैं। प्रधान मंत्री ने कहा कि मनरेगा को असल लाभ गरीबों क नहीं मिला। कांग्रेस राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के गीत गाती है जबकि 2014 कुछ ही राज्यों में कागजों पर दर्ज हुई यह योजना। कांग्रेस शासित चार राज्यों में फूड सिक्योरिटी नहीं, जबकि गुजरात में फूड सिक्योरिटी लागू है। कांग्रेस 60 सालों में नहीं कर पाई, वही तो हमने किया है। कांग्रेस सहित विपक्ष से कहा कि अपना एजेंडा नहीं देश का एजेंडा सोचें।
आके चला मालूम कितनी गहरी जडें-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी की जड़ें इतनी गहरी जमा दी हैं हमें यहां आके मालूम पडा है आपको तो इस बात की खुशी और सोच है कि गरीबी को उखाड़ते उखाड़ते मोदी खुद उखड़ जाएंगे। इन्होने कहा कि मनरेगा सफलता का नहीं बल्कि विफलता का स्मारक नहीं। गरीबी को दूर करने के लिए मुझे भारी मेहनत करनी पड़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि गरीबी नहीं होती तो मनरेगा भी नहीं होता। इन्होने कहा कि खडग़े से सहमत हूं कि मनरेगा में भ्रष्टाचार हुआ है। इस संबंध में मोदी ने 2012 की सीएजी रिपोर्ट का हवाला दिया।
जो कुछ है आपका ही है-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ बातें आपकी ही देन है। बांग्लादेश सीमा विवाद आपकी ही देन है, स्कूलों में टॉयलेट नहीं बने ये भी आपकी ही देन है। मंदबुद्धि को योजना समझने में देर लगती है। शब्दों के जाल से इशारों ही इशारों में मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया। बिना नाम लिए राहुल गांधी को हीनता का शिकार बताया। इन्होने कहा कि देश की सबसे बड़ी चुनौती है तेजी से हो रहे बदलाव का विरोध। यह पढ़ा लिखा तबका भी बड़ी ही मुखरता से करता है। हमारे देश में बहुत सी दिक्कतें हैं, जो कि पुरानी हैं। पिछड़ापन, अंधविश्वास आदि। विपक्ष में कुछ लोग पढ़कर भी आते हैं, मनोरंजन भी करते हैं।
होनहार तेजस्वी सांसद विपक्ष में-
प्रधान मंत्री श्री मोदी ने कहा कि विपक्ष में एक से एक होनहार,तेजस्वी सांसद हैं लेकिन उनके अनुभवों का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है? कांग्रेस इनको आगे आने नहीं देना चाहती है इसलिये वह लगातार संसद चलने में अवरोध पैदा करती है। विपक्ष के सामर्थ्यवान सांसदों का परिचय देश को नहीं हो रहा है। इसीलिए हीनता बोध के कारण संसद बाधित की जा रही है। सरकार कोई भी हो, लेकिन हमारी प्राथमिक शिक्षा का स्तर बहुत ही चिंताजनक है। नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को भी उद्धृत किया। मोदी कहा कि राज्यसभा में जनहित के तमाम बिल अटके पड़े हैं। देश हित में बिल पास करवाना जरूरी है। जीएसटी बिल रोका जा रहा है। जीएसटी बिल भी आपका ही है। मोदी ने यूपीए के समय के बिल गिनाए।
महिला दिवस पर महिला सांसद ही बोलें-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आने वाले 8 मार्च को अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस है क्या हम सभी मिलकर इस बात के लिये सहमति बना सकते हैं कि इस दिन सिर्फ महिला सांसद ही संसद में बोलेंगी।
मेरा मानना है कि हम सबको इस दिशा में सोचना चाहिये एवं इस दिन सबको उनको सुनना चाहिये।
वहीं एक हफ्ता ऐसा भी हो जब पहली बार सांसद बने सदस्य ही बोलें। इन्हें अवसर देना होगा क्योंकि ये लोग देश के सामने नई चीजें रख सकते हैं।
निशाने पर राहुल,भागे सदन से-
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर तो जमकर निशाना साधा साथ ही पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी इशारों-इशारों में प्रहार किए। मोदी के भाषण के दौरान राहुल गांधी सदन से बाहर निकले कुछ देर बाद वापिस आये। राहुल के उठते ही मोदी ने कहा कि एैसा करना अच्छी बात नहीं है शर्म से पानी-पानी होते देखे गये राहुल गांधी।
प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी ने कटाक्ष करते हुए राहुल को मंदबुद्धि शब्दों के ईशारों ही ईशारों में कह दिया । इन्होने कहा कि कुछ लोगों की उम्र बढ़ती है मगर समझ नहीं बढ़ती और जब तक उनकी समझ बढ़ती है तब तक देर हो जाती है। वहीं विपक्ष के कुछ सांसद मनोरंजन भी करने वाला भी बतलायां। मोदी ने कांग्रेस और राहुल पर निशाना साधने के लिए पंडित नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम का लिया। श्री मोदी ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी को हीनता बोध का भी शिकार बताया।

नई दिल्ली/ 03/03/2016 - प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में जहां सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों,योजनाओं को रखा तो वहीं दूसरी ओर संसद के न चलने के कारण हो रहे देश के नुकसान पर चिंता भी व्यक्त की। श्री मोदी देश के महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के समय अपनी बात रख रहे थे। इन्होने इस अवसर पर अपने चिरपरचित अंदाज में शब्द के एैसे जाल को बुना कि एक के बाद एक विपक्ष के नेताओं को उलझते एवं चेहरे पर उडती हवाईयों को देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में गुरुवार को कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। इन्होने कांग्रेस के ही नेताओं में- पंडित जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी के भाषणों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर अनेक बार निशाना साधते हुये चारों खाने चित कर दिया। प्रधान मंत्री ने परोक्ष रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मंदबुद्धि एवं हीनता का शिकार बतलाया।
पढाया अनुशासन का पाठ,बडो का करें आदर-
लगातार एक के बाद एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुये कहा कि यह मेरा यानि नरेंन्द्र मोदी नहीं कह रहे हैं अपितु यह पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू,श्रीमती इंदिरा गांधी,राजीव गांधी ने कहा है। जैसे ही श्री मोदी इनके नामों का उल्लेख करते श्रीमती सोनिया गांधी,राहुल गांधी एवं उनके सहयोगियों के चेहरे सफेद पडते लगातार देखे गये। श्री मोदी ने कहा कि हमें बडो की बातों को सम्मान से देखना चाहिये एवं आदर करना चाहिये। 27 सितंबर 2013 की इस बात को देश भुला नहीं सकता है कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल के अध्यादेश फाडऩे के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि उपदेश देना बहुत आसान होता है।
अधिकारियों को नहीं आता पसीना-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एक समय था जब संसद का नाम सुनते ही अधिकारियों में घबडाहट होने लगती थी परन्तु अब एैसा नहीं होता है? गत बर्षो में देश की एैसी स्थिति होने के लिये कौन जिम्मेदार है यह सब जानते हैं? हमें इस दिशा में सोचना और कार्य करना होगा क्योंकि संसद से बडा कोई स्थान नहीं है इसके लिये। अब सांसदों के सवालों से अधिकारियों को पसीना नहीं आता? इन्होने कहा कि प्रत्येक सांसद मुलाजिमों के लिए प्रधानमंत्री से कम नहीं।
तेरी शर्ट मेरी शर्ट से सफेद क्यों?-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विपक्ष की चिंता इस बात पर है कि तेरी शर्ट मेरी शर्ट से सफेद क्यों?
कांग्रेस कुछ भी कह सकती है कि फलां योजना हमने शुरू की है। सरकार काम कर रही है राज्यों को 2014-15 की तुलना में ज्यादा संसाधन दिए गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि हम तो कांग्रेस की नाकामी से सीख रहे हैं। हमारी आलोचना इसलिए होती है कि तुम हमसे अच्छा क्यों कर रहे हैं। वहीं बुद्धिजीवी विपक्ष की चिंता यही है कि हम कांग्रेस से अच्छा काम कर रहे हैं। प्रधान मंत्री ने कहा कि मनरेगा को असल लाभ गरीबों क नहीं मिला। कांग्रेस राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के गीत गाती है जबकि 2014 कुछ ही राज्यों में कागजों पर दर्ज हुई यह योजना। कांग्रेस शासित चार राज्यों में फूड सिक्योरिटी नहीं, जबकि गुजरात में फूड सिक्योरिटी लागू है। कांग्रेस 60 सालों में नहीं कर पाई, वही तो हमने किया है। कांग्रेस सहित विपक्ष से कहा कि अपना एजेंडा नहीं देश का एजेंडा सोचें।
आके चला मालूम कितनी गहरी जडें-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी की जड़ें इतनी गहरी जमा दी हैं हमें यहां आके मालूम पडा है आपको तो इस बात की खुशी और सोच है कि गरीबी को उखाड़ते उखाड़ते मोदी खुद उखड़ जाएंगे। इन्होने कहा कि मनरेगा सफलता का नहीं बल्कि विफलता का स्मारक नहीं। गरीबी को दूर करने के लिए मुझे भारी मेहनत करनी पड़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि गरीबी नहीं होती तो मनरेगा भी नहीं होता। इन्होने कहा कि खडग़े से सहमत हूं कि मनरेगा में भ्रष्टाचार हुआ है। इस संबंध में मोदी ने 2012 की सीएजी रिपोर्ट का हवाला दिया।
जो कुछ है आपका ही है-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ बातें आपकी ही देन है। बांग्लादेश सीमा विवाद आपकी ही देन है, स्कूलों में टॉयलेट नहीं बने ये भी आपकी ही देन है। मंदबुद्धि को योजना समझने में देर लगती है। शब्दों के जाल से इशारों ही इशारों में मोदी ने राहुल गांधी पर हमला किया। बिना नाम लिए राहुल गांधी को हीनता का शिकार बताया। इन्होने कहा कि देश की सबसे बड़ी चुनौती है तेजी से हो रहे बदलाव का विरोध। यह पढ़ा लिखा तबका भी बड़ी ही मुखरता से करता है। हमारे देश में बहुत सी दिक्कतें हैं, जो कि पुरानी हैं। पिछड़ापन, अंधविश्वास आदि। विपक्ष में कुछ लोग पढ़कर भी आते हैं, मनोरंजन भी करते हैं।
होनहार तेजस्वी सांसद विपक्ष में-
प्रधान मंत्री श्री मोदी ने कहा कि विपक्ष में एक से एक होनहार,तेजस्वी सांसद हैं लेकिन उनके अनुभवों का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है? कांग्रेस इनको आगे आने नहीं देना चाहती है इसलिये वह लगातार संसद चलने में अवरोध पैदा करती है। विपक्ष के सामर्थ्यवान सांसदों का परिचय देश को नहीं हो रहा है। इसीलिए हीनता बोध के कारण संसद बाधित की जा रही है। सरकार कोई भी हो, लेकिन हमारी प्राथमिक शिक्षा का स्तर बहुत ही चिंताजनक है। नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को भी उद्धृत किया। मोदी कहा कि राज्यसभा में जनहित के तमाम बिल अटके पड़े हैं। देश हित में बिल पास करवाना जरूरी है। जीएसटी बिल रोका जा रहा है। जीएसटी बिल भी आपका ही है। मोदी ने यूपीए के समय के बिल गिनाए।
महिला दिवस पर महिला सांसद ही बोलें-
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आने वाले 8 मार्च को अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस है क्या हम सभी मिलकर इस बात के लिये सहमति बना सकते हैं कि इस दिन सिर्फ महिला सांसद ही संसद में बोलेंगी।
मेरा मानना है कि हम सबको इस दिशा में सोचना चाहिये एवं इस दिन सबको उनको सुनना चाहिये।
वहीं एक हफ्ता ऐसा भी हो जब पहली बार सांसद बने सदस्य ही बोलें। इन्हें अवसर देना होगा क्योंकि ये लोग देश के सामने नई चीजें रख सकते हैं।
निशाने पर राहुल,भागे सदन से-
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर तो जमकर निशाना साधा साथ ही पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी इशारों-इशारों में प्रहार किए। मोदी के भाषण के दौरान राहुल गांधी सदन से बाहर निकले कुछ देर बाद वापिस आये। राहुल के उठते ही मोदी ने कहा कि एैसा करना अच्छी बात नहीं है शर्म से पानी-पानी होते देखे गये राहुल गांधी।
प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी ने कटाक्ष करते हुए राहुल को मंदबुद्धि शब्दों के ईशारों ही ईशारों में कह दिया । इन्होने कहा कि कुछ लोगों की उम्र बढ़ती है मगर समझ नहीं बढ़ती और जब तक उनकी समझ बढ़ती है तब तक देर हो जाती है। वहीं विपक्ष के कुछ सांसद मनोरंजन भी करने वाला भी बतलायां। मोदी ने कांग्रेस और राहुल पर निशाना साधने के लिए पंडित नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम का लिया। श्री मोदी ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी को हीनता बोध का भी शिकार बताया।
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