


क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद पटैल के प्रयास से मिला जिले को गौरव -
दमोह में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का वेपन टे्रनिंग सेंटर
(डा.एल.एन.वैष्णव)
---- दमोह/( 11/03/2016 ) वह दिन दूर नहीं जब जिले की मिट्टी में यहां की हवा में सांस लेकर और यहां का अन्न ग्रहण कर युद्ध कला में हथियारों को चलाने तथा दुश्मनों के दांत को खट्टे करने का प्रशिक्षिण सैनिक प्राप्त करेंगे। जी हां यह सपना सच होने जा रहा क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद पटैल के विशेष प्रयासों से जिन्होने संकल्प के साथ कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की एवं क्षेत्र का नाम गौरांवित किया। जी हां निश्चित रूप से जिले को यह गौरव प्राप्त होने में कुछ ही समय शेष है जब इतिहास रचा जायेगा। जिले में यह प्रथम अवसर होगा जब केन्द्र सरकार के सीधे हस्तक्षेप वाला कोई प्रशिक्षण केन्द्र या फिर विभाग की योजना को केन्द्र बिन्दु बनेगा। ज्ञात हो कि सांसद श्री पटैल द्वारा अपने व्यक्तिगत प्रयासों से सपोर्ट वेपन टे्रनिंग सेंटर की स्थापना कराने में सफलता हासिल की है।
1818.67 एकड में होगा सेंटर-
प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत तिब्बत सीमा पुलिस के सपोर्ट वैपन टे्रनिंग सेंटर के लिये जिले के ही मौजा फतेहपुर के पटवारी हलका नं.09 एवं मौजा देवदरा एवं रामनगर के पटवारी हलका नं.16 की 1818.67 एकड भूमि को प्रदान किया गया है। सूत्र बतलाते हैं कि कुछ ही माह में यहां उक्त टे्रनिंग सेंटर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा। तथा तय निर्धारित समय में यहां देश की रक्षा में लगे रहने वाले सूरवीरों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी शुरू हो जायेगा।
लगातार हुआ जिले का दोहन-
कौन नहीं जानता कि जिले का दोहन कितनी बार हुआ है अगर यह कहा जाये कि हर बार हुआ तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। सूत्रों की माने या फिर यहां के बुर्जगों की तो देश की अजादी के बाद मिलेट्री छावनी जो सागर के मकरोनिया में है यहीं स्थापित होने जा रही थी। रेडियो स्टेशन जो छतरपुर में है वह यहां स्थापित होना था। बीना-कटनी खंड में सर्वाधिक जगह एवं सुविधाओं के होने के बाद भी रेल्वे का लोको यहां से हटा दिया गया। हाल ही में विश्वविद्यालय की स्थापना के मामले में क्या हुआ किसी से छिपा नहीं है। कृषि विश्व विद्यालय के मामले में क्या हुआ सर्व विदित है। जैसे अनेक उदाहरण आपको मिल जायेंगे जब जिले की जनता की पीठ में छुरा घोंपने का कार्य किया गया।
बढाया गौरव,चुका रहे कर्ज-
क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद पटैल के इस प्रयास एवं सफलता से जिले का गौरव निश्चित रूप से बडा है अगर यह कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। प्रहलाद पटैल का लगातार क्षेत्र में भ्रमण और निवास दमोह नगर में ही बनाना उन विरोधियों के लिये करारा जबाब साबित हो रहा है जिसमें वह चुनाव के समय बाहरी होने का आरोप लगाते थे। वहीं लगातार किये जा रहे विकास कार्य भी विरोधियों के मुंह को अब बंद करने में भूमिका निभा रहे हैं। लगातार क्षेत्र में संपर्क तथा केन्द्रीय योजनाओं का जनता को मिलता लाभ श्री पटैल के कद को लगातार उंचा कर रहा है। इनके प्रयासों से देश में जिले का नाम भी होने लगा है बात इनके द्वारा लगातार जनहितों से जुडे मुद्दे लोकसभा में उठाने की हो या फिर बांदकपुर को आदर्श ग्राम तथा देश के सबसे छोटे रेल्वे स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाने की हो मिली सफलता से दमोह गौरांवित हो रहा है। अगर यह कहा जाये कि क्षेत्र में अपने मतदाताओं का कर्ज उतारने के प्रयास के साथ ही अपना फर्ज पूरा कर रहे हैं तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
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