सौन्दर्यीकरण पर लगता, ग्रहण होता विनाश, संबधित विभाग की लापरवाही से चोरों उठाईगीरों की पौ बारह

डा.एल.एन.वैष्णव दमोह/ जिला मुख्यालय पर किये गये सौन्दर्यीकरण के कार्यों पर लगातार ग्रहण लगना जारी है जिसके चलते एक ओर विनाश की स्थिति निर्मित हो रही है तो वहीं दूसरी ओर संबधित विभाग की लापरवाही के चलते चोरों उठाईगीरों की पौ बारह हो रही है? मामला कोई नया नहीं है अपितु पिछले लगभग एक माह से अधिक से जारी उक्त क्रम में लगातार अंधेरा घना इसलिये होता जा रहा है क्योंकि जिस विभाग के उपर नागरिकों की सुरक्षा,कानून का उलंघन करने वालों को कानून का पाठ पढाने तथा शासकीय एवं निजि सम्पत्ति का नुकसान कोई भी असमाजिक तत्व एवं उठाईगीर,चोर न कर सके वह अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन नजर आ रहा है? प्रश्र तो ओर अधिक इसलिये उठने लगते हैं कि जहां व्हीव्हीआईपी क्षेत्र हो और वहां इस प्रकार के कृत्य हो रहे हों? जहां जिले के कलेक्ट्रर का बंगला हो,न्यायाधीशगण निवास करते हों,सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष का निवास समीप हो तो प्रश्र तो उपजेंगे ही न? वहीं जहां देश,विदेश के व्हीव्हीआईपी आते जाते हों वहां की सुरक्षा में सेंध नहीं तो इसे क्या कहा जायेगा? जी हां यह प्रश्न इस समय लगातार आपको सुनने लगातार मिल जायेंगे वह भी किसी एक दो से नहीं अपितु सैकडों नागरिकों से जो कहते हैं कि अगर यहां का यह हाल है तो फिर अन्य जगहों का तो भगवान ही मालिक है? ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय पर स्थित उक्त व्हीव्हीआईपी क्षैत्र सक्रिट हाउस के मार्ग पर कलेक्ट्रर स्वतंत्र कुमार सिंह के विशेष प्रयास एवं रूचि के चलते इन्होने मुर्तियों,स्टेचु एवं विशेष लाईटों को लगवाया था जो लगातार आकर्षण का केन्द्र बननें लगा था। वहीं इसी क्रम में अनेक विकास एवं सौन्दर्य के कार्य होना भी प्रस्तावित होने की बात सामने आयी थी। उक्त क्षैत्र जहां अपने प्राकृतिक वातावरण के साथ खूबसूरत था तो वहीं इनके निर्माण तथा रात्रि में रंगीन एवं आकर्षक लाईटों के प्रकाश में रंगीन छटा विखेर चार चांद लगाने लगा था। जिसके चलते क्षेत्र को अपना समझने वाले अपने आपको गौरांवित महसूस करने लगे थे। यहां इस बात का उल्लेख कर देना आवश्यक हो जाता है कि कलेक्ट्रर श्री सिंह के अलावा अनेक अधिकारियों का नित प्रतिदिन यहां आना जाना अर्थात् प्रात:एवं सायं कालीन पैदल भ्रमण आम नागरिकों के साथ होता रहता था। चोरों उठाईगीरों की पौ बारह- उक्त क्षेत्र में लगाये गये स्टेचुओं को छतिग्रस्त कर तथा महंगी लाईटों पर हाथ साफ करने का सिलसिला अनवरत जारी है। विदित हो कि इस संबध में समाचार पत्रों के माध्यम से पत्रकारिता का धर्म निभाते हुये लगातार आईना दिखलाने का कार्य गत एक माह से अधिक समय से लगातार किया गया। परन्तु क्या अपना धर्म एवं कर्तव्य संबधित विभाग ने निभाया? यह प्रश्र इसलिये उपजता है क्योंकि अगर सही तरीके से कार्य किया जाता अपने कर्तव्य का पालन करते हुये आगे बढते तो आज जो नब्बे प्रतिशत से अधिक लाईटों पर हाथ साफ हो चुका है वह बची रह जाती और आरोपी होते वहां जहां उनकी जगह कानून ने तय कर रखी है? मूर्तियों को भी छतिग्रस्त करने का कार्य जारी है एक मूर्ति के हाथ का तोड दिया गया तो वहीं दूसरी ओर पत्थर की चिडियों को छतिग्रस्त करने का क्रम जारी है। देखा जाये तो कुल मिलाकर सब कुछ समाप्त हो चुका है या फिर कुछ दिनों में समाप्त हो सिर्फ अवशेष रह जायेंगे? अगर यह कहा जाये कि यहां पर चोरों उठाईगीरों की पौ बारह हो रही है तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी? उपजते प्रश्र- उक्त व्हीव्हीआईपी क्षेत्र में हो रहे उक्त कृत्यों से लगातार संबधित विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्र उपज रहे हैं? क्या शासकीय सम्पत्ति को छति एवं चोरी करने वाले इतने प्रभावशाली एवं चतुर हैं कि कानून का पालन कराने एवं लोगों ,सम्पत्ति की रक्षा करने ,अपराधियों से भय मुक्त करा गणमान्य नागरिकों को एक स्वच्छ भय मुक्त वातावरण देने की जबाबदारी जिनके कंधों पर हैं वह उनके सामने बोने हो गये हैं?अगर व्हीव्हीआईपी क्षेत्र में यह हाल है तो फिर आम जगह पर क्या होता होगा यह भी इस समय चर्चाओं में बना हुआ है? प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर कलेक्ट्रर दमोह डा.जगदीश जटिया तथा जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल ने एक पत्र के माध्यम से जिले के पुलिस अधीक्षक को इस संबध में नाराजगी व्यक्त करते हुये तत्काल कार्यवाही करते हुये दोषियों को पकडने तथा चोरी गयी शासकीय सम्पत्ति को बरामद करने कहा था। उक्त क्षेत्र में सुरा,सुन्दरी प्रेमियों का भी दखल लगातार होने की भी इस समय जमकर जन चर्चा बनी हुई है?

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अन्नदाता को खून के आॅंसू नहीं रोना पड़ेगा - प्रहलाद सिंह पटेल

नाना साहबपानसे स्मृति कार्यक्रम उचित गरिमा मिलनी चाहिए -प्रहलाद पटेल