मध्यप्रदेश के निजि महाविद्यालयों पांच सौ डाक्ट्ररों के विरूद्ध जांच

मध्यप्रदेश के निजि महाविद्यालयों पांच सौ डाक्ट्ररों के विरूद्ध जांच

               प्रदेश के आधा दर्जन महाविद्यालयों पर 13 करोड 10 लाख जुर्माना 

                                                                डा.एल.एन.वैष्णव

भोपाल/ मध्यप्रदेश के निजि चिकित्सा महाविद्यालय से निकले लगभग पांच सौ चिकित्सकों के विरूद्ध जांच प्रारंभ कर हो चुकी है प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच कर रहे अधिकारियों ने इनके उपर शिकंजा कसना प्रारंभ कर दिया है। महाविद्यालयों में राज्य के कोटे से प्रवेश लेने वाले एैसे छात्रों की सूची को फीस विनियामक समीति ने चिकित्सा शिक्षा विभाग से 2009 से 2012 के मध्य प्रवेश प्राप्त करने वालों की सूची को मांगा है। सूत्र बतलाते हैं कि इससे उन छात्रों की सूची पर जोर दिया गया है जिनको राज्य के विशेष कोटे से प्रवेश दिलाया गया है। ज्ञात हो कि गत 2013 में इसी कमेटी ने 199 छात्रों के अवैध प्रवेश को लेकर लगभग आधा दर्जन महाविद्यालयों पर 13 करोड 10 लाख का जुर्माना किया था। सूत्रों की माने तो पुन: जुर्माना हो सकता है और यह राशि करोडों में होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 532 छात्र डिग्री को लेकर प्रेक्टिस करने में लग गये हैं जबकि बचे हुये डिग्री प्राप्त करने के लगभग करीब बतलाये जाते हैं। वैसे महाविद्यालयों पर लगाये गये जुर्माने के मामले को उच्च न्यायालय में चुनौति दी गयी है जो कि विचाराधीन बतलायी जाती है। विभाग के अनुसार इंडेक्स महाविद्यालय इंदौर पर 5 करोड 50 लाख,एलएन मेडीकल कॉलेज भोपाल 2 करोड 45 लाख,आरडी गार्डी महाविद्यालय उज्जैन 35 लाख तथा 5 करोड 55 लाख की राशि का जुर्मान प्रदेश के ही तीन अन्य महाविद्यालयों पर लगाया गया था।

एैसे आया प्रकरण सामने-

प्राप्त जानकारी के आधार पर उक्त कमेटी के द्वारा प्रदेश के लगभग आधा दर्जन के करीब महाविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिंह अंकित करते हुये बर्ष 2012-13 में 199 छात्रों के प्रवेश को गलत निमय विरूद्ध बतलाया था। ज्ञात हो कि प्रवेश को लेकर लाखों रूपयों की राशि छात्रों से लेने को लेकर जमकर चर्चा इस अवधि में बनी रही थी। जांच के दौरान गडबडी पाये जाने पर जहां जुर्माने को लगाया गया तो वहीं दूसरी ओर संदेह के आधार पर जांच को आगे बढाया गया। परिणाम जैसे ही जांच कमेटी के सामने आये वह चौंकाने वाले थे । बर्ष 2009 से 2012 तक 731 स्टेट कोटे की सीटों पर डीमेट के माध्यम से प्रवेश दिए थे इससे प्रदेश के छात्रों को प्रवेश से वंचित रखा गया था। उक्त कमेटी द्वारा 199 छात्रों के प्रवेश पर कार्रवाही करते हुये बकाया 532 प्रवेश को गंभीरता से लिया जिसको लेकर जांच जारी है। 


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