भक्ति के रंग में रंगे भक्त,पैरों में छाले,मंजिल को लेकर सख्त
भक्ति के रंग में रंगे भक्त,पैरों में छाले,मंजिल को लेकर सख्त
पंचकोशी यात्रा में उमडी श्रृद्धालुओं की भारी भीड
( डा.एल.एन.वैष्णव )
उज्जैन/03/05/20- हम और कोई नहीं सिर्फ भगवत भक्त और आपस में सहोदर हैं के भाव को लेकर लाखों भक्तों का एक विशाल जनसैलाब पंचकोशी 16की पवित्र यात्रा पर निकला हुआ है। जहां एक ओर सिंहस्थ कुंभ का महान पर्व चल रहा है तो वहीं पंचकोशी की यात्रा प्रारंभ होने से सारा वातावरण,धर्म,आस्था,भक्ती के साथ ही एैसा प्रतीत होने लगा है मानों धर्म,ज्ञान,वैराग्य की गंगौत्री स्वयं इन भगवत भक्तों का स्वागत करने इस पावन धरा के उज्जैन क्षैत्र में प्रवाहित हो सबका कल्याण करने आ गयी हो। बिना किसी भेदभाव के अपने लक्ष्य को लेकर लगातार भक्तों का यात्रा में चलना,ठहरना,विश्राम,भोजन और फिर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान जारी है। रात्रि में जहां टार्चो की रोशनी धरा को गगन में निकले लाखों तारों के रूप में प्रतिबिंबित करती दिखती तो चाय,भोजन को पकाने के लिये जलाये जाने वाले अस्थाई चूल्हों की लो लाखों छोटे बडे दीपों के समान सबको उर्जा एवं उत्साह देने का कार्य करने में लगे देखे जा सकते हैं। परिवार के परिवार यहां इस यात्रा में सम्मिलित हो अपने वयोवृद्ध सदस्यों की सेवा में लगे देखे जा सकते हैैं। क्या खेत क्या खलिहान,सडक सभी जगहों पर श्रृद्धालुओं का भक्ति भाव में डूब अपने भगवान की आराधना उनका स्मरण होते देखा जा सकता है। अलग-अलग प्रकार से भजनों,गीतों,क्षेत्रीय भाषाओं के माध्यम से संगीत की स्वरलहरियों के बीच अपने ईश को पुकारते भक्तों के भाव से मानों संगीत का एक अनोखा एवं आर्कषक स्वर बन जाता है जिसकी रचना कोई संगीतकार नहीं अपितु ज्ञान की देवी स्वयं सरस्वती कर रही हों?
कुंभ और रामनाम की पक्रिमा-
सिंहस्थ के दौरान मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के नाम की परिक्रमा में श्रृद्धालुओंं को लगा देखा जा सकता है। आठ करोड राम नाम लिखी पोथियों को कुंभ क्षेत्र में स्थापित किया गया है विदित हो कि गत रविवार को श्रीपंच मठ गंगाकाशी के शंकराचार्य रामानंदाचार्य ने भी परिक्रमा स्वंय लगा प्रभु श्रीराम से आशीष प्राप्त किया। ज्ञात हो कि श्रीराम नाम बैंक के नाम से विख्यात महाश्वेतानगर की श्री जानकीनाथ भक्त मंडल सेवा समिति ने खाली वक्त में भगवान राम का नाम जपने और लिखाने के लिए कुछ खास पौथियों का प्रकाशन कराया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत दो बर्षों में लगातार लगभग पांच सौ सदस्यों ने राम नाम लेखन कार्य किया था। सिंहस्थ क्षेत्र में अयोध्या धाम के नाम से एक पंडाल बनाया गया है जहां उक्त पोथियों को स्थापित किया गया है। राम नाम लिखने का यह क्रम आज भी जारी है समीति के सदस्य आज भी पोथी उपलब्ध करा रहे हैं ओर भक्त राम नाम को अंकित कर धर्म लाभ ले रहे हैं। समीति के द्वारा एक सौ आठ परिक्रमा करने वालों को एक कूपन भी प्रदान किया जा रहा है जिसमें ग्यारह हजार रूपये का नगद पुरूस्कार रखा गया है। समीति के सचिव राजेश शर्मा,कोषाध्यक्ष सूरत सिंह के अनुसार 22 मई को लकी ड्रा निकाला जायेगा जिसमें जीतने वाले को ग्यारह हजार नगद दिये जायेंगे।
सिंहस्थ को सफल बनाने के लिये जहां प्रदेश शासन अपनी पूरी शक्ति को झोंके हुये है तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन भी इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड रहा है। प्रदेश भर के विभिन्न विभागों के लाखों कर्मचारी अपनी सेवायें दे रहे हैं। इसी क्रम में भक्तों का भी सहयोग करना चाहे वह व्यवस्था के मामले में हो या फिर खोया पाया केन्द्र पर स्वयं अपने परिजनों के नामों को लेकर संदेश पहुंचाने का सभी में एक सराहनीय कदम कहा जा सकता है।






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