सिंहस्थ कुंभ क्षिप्रा में अब तक पांच करोड ने लगायी डुबकी
सिंहस्थ कुंभ क्षिप्रा में अब तक पांच करोड ने लगायी डुबकी
- विश्व के लिये आश्चर्य बना सिंहस्थ कुंभ,बिना निमंत्रण करोडों की उपस्थिति
डा.एल.एन.वैष्णव
उज्जैन / 14/05/2016 संसार का सबसे बडा धार्मिक एवं सामाजिक मेला विश्व भर में इस समय आश्चर्य,चिंतन एवं चर्चाओं में बना हुआ है। मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में जहां प्रतिदिन लाखों लोग यहां पहुंच मां क्षिप्रा में डुबकियां लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर साधु-संतों के दर्शन लाभ ले उनका आशीष भी प्राप्त करने में लगे हुये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंभ प्रारंभ होने से लेकर अब तक लगभग पांच करोड लोग यहां आकर पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं। सूत्रों की माने तो लगातार बढती भीड से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यह संख्या दोगुनी के करीब पहुंच सकती है। लोगों की आस्था,धर्म,विश्वास के साथ सामाजिक समरसता का इससे बडा संदेश का क्या हो सकता है कि गत कुछ दिन पूर्व आयी प्राकृतिक आपदा भी इनके हौंसले एवं धर्म के प्रति समर्पण के विश्वास को डिगा नहीं सकी और लगातार लोगों की संख्या बढना जारी है।
बिना निमंत्रण करोडों का पहुंचना-
इससे बढा धर्म,आस्था का समर्पण और विश्वास क्या हो सकता है कि बिना किसी निमंत्रण के लाखों नहीं करोडों लोग आयोजन स्थल पर एकत्रित हो जायें और वह भी अपने संसाधनों एवं स्वयं के व्यय पर? न तो यहां कोई उपर न नीचे होता है सब एक ही बात कि हम सब सनातन धर्मावलंबी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस आयोजन को लेकर करोडों लोगों को रोजगार भी प्राप्त होता है जिसका लाभ सभी धर्म एवं समुदाय के लोगों को किसी न किसी रूप में प्राप्त होता है। विश्व के अनेक वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता तो सिर्फ इसी में लगे देखे जा सकते हैं कि बिना किसी निमंत्रण के करोडों की उपस्थिति कैसे हो जाती है तथा लाखों लोगों का एक साथ स्नान करने के बाद भी आखिर जल अशुद्ध क्यों नहीं होता है? देशभर में क्राउड मैनेजमेंट के लिए सिंहस्थ रोल मॉडल बना हुआ है ज्ञात हो कि विश्व में यह पहली बार हो रहा है जब कुम्भ में क्राउड मेनेजमेंट पर शोध हो रहा है। महाकाल मंदिर और हरसिद्धि मंदिर का भी थ्री डी मॉडल तैयार किया गया है। दोनों मंदिरों में कैसे व्यवस्थित तरीके से बडी संख्या में श्रद्धालुओं को सुविधा से दर्शन करवाने का मॉडल तैयार किया गया है।
प्रबंधन, नियंत्रण का सफल आयोजन-
एक सीमित क्षेत्र में सिंहस्थ मेले का आयोजन और क्षमता के हिसाब से कई गुना श्रद्धालु का व्यवस्थित प्रबंधन, नियंत्रण अब शोध का विषय बन गया है। विश्व स्तर पर यहाँ के भी? प्रबंधन एवं नियंत्रण का अध्ययन किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के आधार पर नीदरलैंड, सिंगापुर और रशिया जैसे देश भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय विज्ञान संस्थानं बैंगलुरू, आई.आई.टी. कानपुर, महिंद्रा सहित कुछ भारतीय स्टार्ट-अप कम्पनी प्रबंधन एवं नियंत्रण का अध्ययन कर रही हैं। जानकारों की माने तो इस अध्ययन के बाद ऐसा सॉफ्टवेयर एवं गाइडलाइन तैयार होगा जो विश्व स्तरीय आयोजनों में भी नियंत्रण एवं प्रबन्धन के लिए उपयोगी होगा।





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