शासन-प्रशासन पर भारी नपा के इंजीनियर ?

शासन-प्रशासन पर भारी नपा के इंजीनियर ? 

वाणिज्य,जनसंपर्क विभाग को आवंटित जमीन पर दावा,कब्जामंत्री मलैया,एवं आयुक्त ने किया था शिलान्यास

                                डा.एल.एन.वैष्णव


दमोह/21-06-2016  जिला प्रशासन द्वारा शासन के दो महत्वपूर्ण विभागों को कार्यालय के लिये आवंटित की गयी जमीन पर नगर पालिका परिषद के दो सब इंजीनियरों ने अपना दावा करते हुये कब्जा करना प्रारंभ कर दिया है। जबकि गत माह ही मध्यप्रदेश शासन के वित्त,वाणिज्य एवं जल संशाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया एवं इसी विभाग के आयुक्त द्वारा कार्यालय भवन निर्माण के लिये एक भव्य आयोजन में शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया था। वहीं दूसरी ओर समीप ही जनसंपर्क विभाग के लिये एक प्लाट आवंटित किया गया है जिसमें भू-स्वामी होने संबधि एक बोर्ड भी इसी दौरान लगाया गया था। महत्वपूर्ण बात यह भी बतलायी जाती है कि इस भूमि को उक्त दोनो विभागों को आवंटन के पूर्व ही नगर पालिका परिषद ने बाकायदा एनओसी भी नजूल विभाग के पत्र पर दी है। अचानक जागे उक्त दोनो चर्चित सब इंजीनियरों की नींद का कारण लोगों की समझ से परे बतलाया जा रहा है। इनके अनुसार यह जमीन नगर सुधार न्यास के अंतर्गत इनको आवंटित की गयी थी। इन दोनो की नियुक्ति इसी नगर सुधार न्यास में हुई थी बाद में नगर पालिका में इनको सम्मिलित कर लिया गया था। सूत्रों की माने तो नजूल विभाग द्वारा करायी जाने वाली किसी भी प्रकार की कार्यवाही इनके द्वारा नहीं कराई गयी न ही इसका निर्धारित शुल्क जमा किया गया था। नजूल विभाग द्वारा यह जमीन रिक्त शासकीय जमीन दर्ज बतलायी जाती है जिसके कारण उक्त दोनो शासकीय विभागों को आवंटित की गयी। महत्वपूर्ण एवं विचारणीय प्रश्र यहां यह उत्पन्न होता है कि मध्यप्रदेश के कदवर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने स्वयं जिसका शिलान्यास किया हो? मध्यप्रदेश सरकार का जन संपर्क विभाग जो कि पत्रकारों का विभाग कहा जाता है को जमीन आवंटित की गयी हो और इसके बाद भी उक्त दोनो सब इंजीनियरों द्वारा महीनों बीत जाने के बाद अचानक निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाता हो? तो प्रश्र तो उत्पन्न होंगें ही कि आखिर कुछ तो बात है कि शासन के कदवर मंत्री और पत्रकारों का विभाग दोनो की स्थिति में सब शांत कलमकार हों या फिर शासन? जिसको लेकर अब शहर में हो या फिर शासकीय कार्यालयों में चर्चाओं का बाजार गर्म है?


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