ध्वजारोहण के साथ ही महामस्तकाभिषेक महोत्सव का शुभारंभ

ध्वजारोहण के साथ ही महामस्तकाभिषेक महोत्सव का शुभारंभ

प्रभु को ध्यान करिए, जानते रहिए आप पूर्ण हो जायेगें-आचार्य विद्यासागर महाराज

कुण्डलपुर में महामस्तकाभिषेक महोत्सव आज से शुरू

दमोह : 04 जून 2016
आज कुण्डलपुर में ध्वजारोहण के साथ ही महामस्तकाभिषेक महोत्सव का शुभारंभ आचार्य विद्यासागर महाराज की पुण्य उपस्थिति में शुभारंभ हुआ। जैन धर्म के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुण्डलपुर में आज 04 जून से महामस्तकाभिषेक महोत्सव 30 जून तक चलेगा। आचार्य विद्यासागर महाराज ने बडे बाबा के मंदिर में पूजन-अर्चन कर मुनियों के ससंघ आयोजन स्थल पर पहुंचे और बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को आशीष वचन दिये। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त जल संसाधन एवं वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जयंत कुमार मलैया और उनकी धर्म पत्नि डॉ. सुधा मलैया, पारस टीवी के संचालक एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों में संतोष सिंघई,


सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे।
इस अवसर पर आचार्य विद्यासागर महाराज ने यहां आशीष वचन दिये। उन्होंने कहा यहां कार्यकर्ता अपने कार्य में व्यस्त हैं, जो कार्य उन्हें सौंपा गया है, उसे वे कर रहे हैं, वह दिख भी रहा है। सूर्य भी अपना काम कर रहा है। यह आपको कार्य करने के लिए प्रेरणा भी देता है। महाराज ने कहा अनुशासन कभी भी कठोर नहीं होता है, आप महसूस करते हैं, उन्होंने कहा मोक्ष मार्ग में कठोरता नहीं है। महाराज जी ने श्रद्धालुओं से कहा यहां की व्यवस्थाओं को बनाते हुए आप भगवान के दर्शन करें, आचार्य श्री ने कहा मैं भगवान के दरवाजे में रहना चाहता हूं ताकि मुझे भगवान बुलायेगें। भीतर प्रभु बैठे हैं, प्रभु के दरवाजे में इंतजार किये तभी उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। आचार्य श्री ने कहा प्रभु तो प्रभु होते हैं, उनका ज्ञान आचरण में एक्य होता है।
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने कहा भगवान के सामने जाकर ध्यान रखें भगवान को स्मरण करें, दुनिया को भूल जायें, तभी भगवान दिखेगें। आप प्रभु को ध्यान करिए, जानते रहिए, आप पूर्ण हो जायेगें। उन्होंने कहा मन के दास बनिए मन के अनुकूल आशा का जो दास हो जाता है, वह प्रभु का दास हो जाता है। संसार से जो उदास रहता है और जो भगवान की ओर ध्यान करता है वह धन्य हो जाता है। आचार्य श्री ने कहा जल्दी न करियों समय पर करियों। आज के कार्य भी समय पर हो गये। उन्होंने कहा मन की गांठ खोलकर सुनो, कान तो सुनते हैं, मन की गांठ खुली नहीं तो देखते ही रह जाओगे।
प्रदेश के वित्त और जल संसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया आज सुबह करीब 6 बजे कुण्डलपुर पहुंचे। उन्होंने यहां सपत्नीक विधिवत पूजन-अर्चन किया। वे यहां आम श्रद्धालुओं की तरह पंडाल में बैठकर आचार्य श्री के अमृत वचनों को सुना। यहां पर जैन धर्मावलंबियों के विशाल जनसमूह के साथ ही जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और अन्य सामूदायों के धर्मावलंबी मौजूद थे।
दमोह जिले के पटेरा ब्लाक में स्थित कुण्डलपुर में जो जिला मुख्यालय से करीब 38 किलो मीटर दूरी पर स्थित है, यहां करीब ढ़ाई हजार साल पुराना मंदिर है। यहां पर बड़े बाबा की 15 फीट ऊंची प्रतिमा विराजमान है। इस आयोजन के दौरान जिले के साथ ही प्रदेश और देश के अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। यहां व्यापक व्यवस्थाएं आयोजन समिति द्वारा की गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई है। यहां पर मेला अधिकारी, एसडीएम नंदलाल सामरथ को बनाया गया है।

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