जल का संरक्षण
जल का संरक्षण नही तो जल के लिये मोहताज होना पड़ेगा- मलैया
दमोह /31-05-2016-जल हमारी आज की आवश्यकता है, अभी हमने जल का संरक्षण नहीं किया तो आने वाले समय में हमें जल के लिये मोहताज होना पड़ेगा, क्योंकि जल नहीं तो कल नहीं है, इसी उद्देश्य को लेकर प्रदेश के वित्त, जलसंसाधन, वाणिज्यिकर, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जयंत कुमार मलैया ने नगर के आसपास के लगभग एक दर्जन जल ोंतो को पुर्नजीवित एवं संरक्षण करने का कार्य ठेकेदारों के जन सहयोग से कराया गया है। । इस दौरान वित्त मंत्री जयंत कुमार स्वयं कतार में लगकर अपने सहयोगियों के साथ जलकुंभी तालाब से बाहर निकलवा रहे थे। उन्होंने कहा आज के साथ-साथ हमें कल को भी सुरक्षित करना है। इसके लिये हमें अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। तालाबों को संरक्षित करना होगा, इसकी साफ-सफाई रखनी होगी तभी हमें समुचित सुरक्षित साफ जल प्राप्त हो पायेगा।
तालाब को सुरक्षित रखना हम सबका दात्यिव है -
तालाब सुरक्षित और संरक्षित रखना हम सबका दात्यिव है। बुजुर्गो ने तालाब बनाकर हमें सौंपा है, हमें अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन निष्ठा से करना है। इस दिशा में लोगों का जज्बा आज देखने को मिला जब प्रदेश के वित्त जल संसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया और गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधियों और हर वर्ग के लोगों ने इस तालाब साफ-सफाई के सफाई अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। पुराने जमाने में लोग तालाबों का श्रमदान कर साफ-सफाई करते थे। एकीकृत जल प्रबंधन आज समय की जरूरत है। इसी दिशा में आज वित्त और जल संसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया ने नगरपालिका अध्यक्ष मालती असाटी को जल प्रबंधन के संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा। इस मौके पर उन्होंने यहां मौजूद नगरपालिका के इंजीनियर सुशील अग्रवाल और पूर्व भाजपा अध्यक्ष बिहारी लाल गौतम को कलेक्टर बंगला परिसर से वर्षा का पानी जो तालाब में आता है कही बंद तो नहीं देखने भेजा और यह भी हिदायत दी कि वर्षा का जल यहां आने के सभी ोतों को मरम्मत करा लिये जायें।
युवा वर्ग ने किया सराहनीय कार्य-
तालाब में पानी होने पर युवा वर्ग ने विश्व परिवार दिवस पर आज बड़ा सराहनीय कार्य किया, यहां पर पानी से जलकुभी को निकालने के लिये लोहे के पाईप के दोनों सिरों में रस्सा बांधकर जलकुंभी को समेटकर किनारे लाने में नगर के युवाओं ने काफी मेहनत की है, कोई ट्यूब पर बैठकर जलकुंभी और चोई निकाल रहा था तो वहीं कतार में खड़े नागरिक और महिलाएं तहाड़ी से चोई और जलकुभी को नगर पालिका के टैक्टर ट्राली में भर रहे थे।
इन तालाबों में हुआ गहरीकरण और सफाई-
फुटेरा तालाब में युद्ध स्तर पर 10 दिनों तक कार्य चलता रहा, सीता बावड़ी में एक बड़ी तलैया का निर्माण किया गया, हटा नाका मुक्तिधाम में भी तलैया निर्माण किया गया, मछली पालन के तालाब से लगभग 500 डम्फर मिट्टी निकाली गई, हिरदेपुर तालाब का भी गहरी करण किया गया। फिल्टर प्लान्ट, इमलाई, किशन तलैया को भी पुर्नजीवित करने का कार्य किया गया।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें