साक्षात्कार
साक्षात्कार
- बीमार स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध संसाधनों में स्वस्थ्य करने का प्रयास
- मु.चि.स्वास्थ्य अधिकारी डा.रमेश बजाज ने कहा जल्द और बेहतर होगा
( डा.एल.एन.वैष्णव )
- बीमार स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध संसाधनों में स्वस्थ्य करने का प्रयास
- मु.चि.स्वास्थ्य अधिकारी डा.रमेश बजाज ने कहा जल्द और बेहतर होगा
दमोह (14 जुलाई 2017 ) जिले की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध संसाधनों में ही बेहतर सुधार करते हुये जनमानस को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा यह बात जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.रमेश बजाज ने एक साक्षात्कार के समय कही। उन्होने बतलाया कि जिला चिकित्सालय में पुराने सर्जिकल वार्ड के पास ही एक नवीन ओपीडी का निर्माण कराया जा रहा है जिसका शुभारंभ शीघ्र हो जायेगा। जिसमें कुछ आधुनिक तरीके से मरीजों को प्रवेश एवं टोकन नंम्बर देकर कराये जाने की योजना है। डा.बजाज ने एक प्रश्न के उत्तर में बतलाया कि एमसीएच को अतिशीघ्र प्रारंभ कराने की योजना है जिसका लाभ जिले वासियों को मिलना प्रारंभ हो जायेगा। एमसीएच के भवन में जो आवश्यकतायें हैं उनको पूरा करने के लिये शासन को लिखा गया है तथा जो भी हमारे पास संसाधन हैं उनको लेकर हम इसको जल्द ही प्रारंभ कर देंगे। चिकित्सकों के संबध में पूछें गये प्रश्न के संबध में डा.बजाज ने कहा कि मनोचिकित्सक के रूप में डा.दीपक व्यास अपनी सेवायें देंगे। जबेरा एवं पथरिया की समस्या को देखते हुये व्यवस्था कर दी गयी है शीघ्र ही चिकित्सक वहां पहुंचकर अपनी सेवायें देना प्रारंभ कर देंगे। विदित हो कि डा.बजाज ने हाल ही में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का पद संभाला है। हालांकि वह इसके पूर्व भी इस पद पर सेवायें दे चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव के साथ ही एक कुशल चिकित्सक के रूप में वह पहचाने जाते हैं। कांटो से भरा ताज और काजल की कोठरी -
देखा जाये तो जिले के अलावा जिला मुख्यालय पर ही अनेक समस्यायें हैं जो कि विरासत में मिली हैं तो वहीं अनेक शासकीय स्तर पर कहीं जा सकती हैं तो अनेक स्थानीय स्तर की भी हैं? सभी को या दूर करने का प्रयास करना पडेगा या फिर मार्ग बनाकर निकलने की चुनौति इस समय डा.बजाज के सामने होगी। चिकित्सकों की कमी से तो देखा जाये पूरा प्रदेश प्रभावित है। जिला भी इससे अछुता नहीं है प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम श्रेणी चिकित्सकों के 67 पद स्वीकृत हैं जिनके एवज में 27 कार्यरत हैं यानि 40 चिकित्सक प्रथम श्रेणी के कम हैं। वहीं द्वितीय श्रेणी के चिकित्सकों में जिले में 66 पद स्वीकृत हैं जबकि 29 कार्यरत हैं देखा जाये तो यहां 37 चिकित्सक कम हैं। बात करें महिला चिकित्सकों की तो प्रथम श्रेणी में डा.संगीता त्रिवेदी, डा.अलका निखार एवं द्वितीय श्रेणी में डा.श्रृद्धा गंगेले,डा.सुनीता तंतुवाय सेवायें दे रही हैं। जिला चिकित्सालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर बडी चुनौति है वह चाहे सुरक्षा गार्डो,सफाई कर्मियों की हो या फिर स्थानीय नेता नूमा नियमित,संविदा कर्मचारियों की हो। बेहतर सुविधा देने के लिये उपलब्ध संसाधनों में से ही कार्य को बेहतर करना है। एमसीएच के मामले में बतलादें कि 10.18 करोड की लागत से तैयार किया गया था जिसका भूमि पूजन 30 अप्रेल 2014 को मंत्री जयंत मलैया ने किया था। वहीं 17 फरवरी 2017 को सांसद प्रहलाद सिंह पटेल,मंत्री श्री मलैया ने लोेकापर्ण किया था लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि आज भी यह यथावत पडा हुआ है। सूत्रों की माने तो विभाग को इस दौरान भवन को साैंपा नहीं गया था और लोकापर्ण कर दिया गया था। सूत्र तो यहां तक बतलाते हैं कि आज भी स्थिति जहां की तहां है?वैसे देखा जाये तो काजल की कोठरी और कांटे भरे ताज को डा.बजाज को अपने अनुभव के आधार पर बेहतर तरीके से सेवायें देने में कामयाब होंगे एैसी अपेक्षा उनके शुभचिंतक कर रहे हैं।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें