लापरवाही-


  रास्तों को लेकर भ्रम मंत्री की बात ,हवा में उडाया नपा अध्यक्ष ने?


  • मार्च में मंत्री मलैया ने नपा अध्यक्ष श्रीमती असाटी को कार्यवाही करने कहा था  
  •  सडक निर्माण कंपनी ने लगवाये दमोह नगर में भ्रमात्मक बोर्ड  
  • लापरवाह अधिकारी,उदासीन जनप्रतिनिधि,परेशान जनता

                                                    

            ( डा.एल.एन.वैष्णव )


दमोह/08/08/2016 नगर के मार्गो को लेकर फैलता भ्रम और उस पर नगर पालिका की उदासीनता तथा संबधित विभाग एवं निर्माण कार्य करने वाली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा जनता को भोगना पड रहा है? यह बात अलग है कि स्थानीय लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पडता परन्तु जिस प्रकार छबि प्रदेश और देश में यहां आने-जाने वालों के मन मस्तिष्क पर पडती होगी आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं? दरसल मामला नगर के ही मध्य से होकर निकलने वाले प्रमुख सडक मार्ग का है । जिसके निर्माण में होने वाली लापरवाही तो जग जाहिर रही हीं साथ ही इनके द्वारा लगाये गये संकेतात्मक बोर्डो ने तो स्थिति को और अधिक प्रश्रात्मक बना दिया ? हम आपको बतलादें कि स्थानीय सांसद प्रहलाद पटेल के शासकीय आवास पर होली मिलन समारोह के अवसर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं स्थानीय विधायक जयंत मलैया को समाचार पत्र के इस प्रतिनिधि ने इस संबध में अवगत कराया था। जिस पर मंत्री मलैया ने तत्काल ही नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मालती असाटी को इस संबध में तत्काल कार्यवाही करने कहा था। बतलादें कि श्रीमती असाटी ने दो तीन दिन में ही कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था परन्तु आज पांच माह बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस नजर आ रही है। श्रीमती असाटी के अगर यह दो तीन दिन हैं तो फिर माह और बर्षो को तो अंदाजा आप लगा ही सकते हैं?

                         हम आपके सामने वह सच्चाई रखने जा रहे हैं जो या तो किसी जिम्मेदार अधिकारी,नेता को दिखलायी नहीं दे रही है या फिर जानबूझकर अंजान बनने का ढोंग किया जा रहा है? वर्तमान में दमोह नगर के मुख्य चौराहों,तिराहों एवं मार्ग में कुछ बोर्डों को संकेत प्रदान करने के लिये लगाया जा रहा है एवं अधिकांश लगाये भी जा चुके हैं जिनमें दिये गये संकेत संबधित अधिकारी,निर्माण कार्य में लगी कंपनी एवं स्थानीय जनप्रतिधियों की लापरवाही का जीता जागता उदाहरण प्रस्तुत करने में लगी हुई है। ज्ञात हो कि दमोह से लेकर कटनी तक का मार्ग बंसल कंपनी बना रही थी। सूत्र बतलाते हैं कि वह नगर के मध्य का आधा-अधूरा कार्य छोड चुकी है तो अन्य जगहों पर भी औपचारिकता पूर्ण करने की बात को लेकर जमकर चर्चा बनी हुई है।
 कहां क्या-जायें तो जायें कहां ?-
घंटाघर पर गुजरात स्वीट्स के सामने लगा बोर्ड बस स्टेण्ड की ओर जाने का संकेत दे रहा है जबकि यह मार्ग जबलपुर नाका की ओर जाता है। रामकुमार विद्यालय के समीप स्थित सुलभ शौचालय के समीप लगा बोर्ड जिस ओर दमोह सिटी का ईशारा कर रहा है वहां कोई मार्ग ही नहीं है हां उस दिशा में बस स्टेण्ड,न्यायालय स्थित है। उसी के ठीक सामने लगा बोर्ड कुछ ओर कहानी कहता है तो थोडे से ही आगे का कुछ ओर जिसके चलते लोग यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि आखिर जायें तो जायें कहां? शहर में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर एमपीआरडीसी द्वारा अधिकारियों के भ्रमण एवं कार्य पर निगरानी की बात कही जाती है परन्तु कितना क्या हो रहा है यह लगातार चर्चाओं में होने के साथ प्रश्न चिंह अंकित करते सुना जा सकता है? प्राप्त जानकारी के अनुसार सागर संभाग में श्री अरोरा कार्य देख रहे हैं तो वहीं दमोह का प्रभार श्री कीर को दिया गया है परन्तु दोनो का कब आना जाना होता है यहां किसी को नहीं पता? हां यहां के कुछ स्थानीय चर्चित ठेकेदार पर विशेष कृपा होने तथा ठेकेदारों द्वारा मंदिर में प्रसाद स्वरूप समय-समय पर चढावा होने की लगातार चर्चा सुनी जा सकती है? 

मार्ग-बोर्ड पर क्यों नहीं नजर-


नगर के मध्य ही प्रमुख क्षेत्रों में ही यह हाल है तो फिर अन्य जगहों पर क्या हो रहा होगा या किया जा रहा होगा? यहां लगातार प्रश्र उठता है कि कई दिन पूर्व लगाये गये इन संकेत बोर्डों पर किसी अधिकारी की नजर क्यों नहीं गयी? नगर पालिका अध्यक्ष एवं उनका अमला लगातार भ्रमण की बात करता है?वहीं जिले के मुखिया हों या फिर उनके अधिनस्थ अधिकारी कर्मचारी यही हाल इनका भी है? मामला जो भी हो पर उक्त घोर लापरवाही का खामियाजा वह भोग रहे हैं जो रात्रि के समय किसी अन्य शहर से यहां आते हैं और भ्रमित हो यहां वहां भटकने का दंश झेलने पर मजबूर हो जाते हैं?
संलग्र-फोटो क्रमांक 1 - मार्च 2016 का है और फोटो क्रमांक 02 अगस्त 2016 का है





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