पीढित की सहायता,सेवा ही सच्ची मानवता-मातेले



पीढित की सहायता,सेवा ही सच्ची मानवता-मातेले

संपर्क,सहयोग,संस्कार,सेवा एवं समर्पण के साथ व्यक्ति निर्माण में जुटा परिषद

भारत विकास परिषद की कार्यशाला में वक्ताओं ने रखे विचार

उदीयमान प्रतिभाओं का भी हुआ सम्मान

(डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव)

दमोह(20-06-2017 )पीढित व्यक्ति को सहयोग करना उसकी सेवा करना ही सच्ची मानवता है इसके लिये देश भर में परिषद के द्वारा कार्य किया जा रहा है यह बात भारत विकास परिषद के महाकौशल प्रांत के प्रांतीय संरक्षक विद्यासागर मातेले ने कही। श्री मातेले स्थानीय मानस भवन में आयोजित एक कार्यशाला में जिले भर से आये परिषद के सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि संपर्क,सहयोग किसी भी संस्था के निर्माण एवं उत्थान में एक बडी भूमिका निभाता है। भारत विकास परिषद संपर्क,सहयोग,संस्कार,सेवा एवं समर्पण के साथ व्यक्ति निर्माण में जुटा हुआ है। विश्व का एकमात्र संगठन है जहां पति,पत्नि एक साथ सदस्य होते हैं वर्तमान में लाखों लोग इससे जुडकर कार्य कर रहे हैं। श्री मातेले ने कहा कि मनुष्य एवं धातु दोनों को घिसकर मूल्यवान बनाया जाता है यही कार्य परिषद भी करता है। देश भर में सेवा के अनेक प्रकल्प चल रहे हैं तथा गैर राजनैतिक संगठन तो है ही परन्तु एक पैसे का अनुदान अपनी स्थापना से लेकर आज तक सरकार से न लेने वाला संगठन भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पहार अर्पित कर मंचासीन अतिथियों ने किया। वंदेमातरम् गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया प्रांतीय संरक्षक श्री मातेले,प्रांताध्यक्ष निशिकांत चौधरी,प्रदेश उपाध्यक्ष नीलेश श्रीवास्तव,प्रांत विस्तार अधिकारी फ्रांसिस फर्नाडिस,पूर्व सांसद डा.रामकृष्ण कुसमरिया,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक पुष्पेन्द्र जी,प्रांत समरसता प्रमुख एवं सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष बहादुर सिंह,विद्या भारती से लखन लाल चौरसिया सहित मंचासीन अतिथियों का पुष्पहार से आयोजन समीति एवं समस्त तहसील अध्यक्षों ने स्वागत किया। वहीं मंचासीन अतिथियों की मानवंदना शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर की गयी। स्वागत भाषण एवं आयोजन का प्रयोजन प्रांतीय संगठन मंत्री किशोर अग्रवाल ने तो प्रतिवेदन जिला समन्वयक प्रेमनारायण पटेल ने प्रस्तुत किया। 

इन्होने भी किया संबोधित-


प्रांताध्यक्ष निशिकांत चौधरी ने कहा कि 1962 में भारत विकास परिषद का गठन देश के 12 राष्ट्रभक्तों ने मिलकर किया था। चाईना युद्ध के समय उक्त संगठन ने एक बडी भूमिका निर्वाहन राष्ट्र की इस विपत्ती के समय किया था। श्री चौधरी ने विस्तार से परिषद के क्रियाकलापों को सामने रखते हुये कहा कि अगर आप अगर परिषद को अपना समय देते हैं तो समझो भारत के लिये अपना समय दे रहे हैं। एक कहानी सेठ जी थोडी देर के लिये आप आदमी बन जाओ के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया। वहीं डा.रामकृष्ण कुसमरिया एवं विद्यासागर पांडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन तहसील अध्यक्ष राजेश शुक्ला,विनोद शांडिल्य एवं विजय चतुर्वेदी एवं आभार किशोर अग्रवाल ने व्यक्त किया।

इनका हुआ सम्मान-

इस अवसर पर जोगिन्दर सिंह गांधी,डा.आरएस वर्मा,डा.केपी अहिरवार,रमेश अग्रवाल,भगवती श्रीवास्तव,आजम खान,रवि शास्त्री,जगदीश चन्द्र मलिक,काव्या मिश्रा,केदार शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इनकी रही उपस्थिति-

इस अवसर पर हेमन्त छाबडा,हाकम सिंह हलगज,पं.बिहारी गौतम,अवधेश सिंह लोधी,नंदकुमार पटेल,मेघराज सिंह लोधी,छप्पन सिंह लोधी,भगत सिंह पटेल,केलाश चौरसिया,लक्ष्मी अग्रवाल,उत्तम चंद इंडिया,मनमोहन दुबे,राकेश नेमा,दयाल नवानी,देवेन्द्र अग्रवाल,विनोद श्रीवास्तव सहित बडी संख्या में भारत विकास परिषद के पदाधिकारी,सदस्यों के साथ गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।







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