मध्यप्रदेश में अब होगा आनंद

मध्यप्रदेश में अब होगा आनंद

प्रदेश में एक नये विभाग को मिली मंजूरी

                                                                              डा.एल.एन.वैष्णव

भोपाल/ 15/07/2016मध्यप्रदेश राज्य में आनंद के लिये मंजूरी मिल गयी है जिसके चलते कुछ समय बाद यह कार्य करना प्रारंभ कर देगा। देश में मध्यप्रदेश एक प्रथम एवं अकेला राज्य होगा जहां आनंद होगा। जी हां आपको इस बात को सुनकर थोडा अटपटा सा जरूर लग रहा होगा परन्तु यह एकदम सच है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में आनंद विभाग के गठन की मंजूरी मिल गयी है। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह ने भी सराहना की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विभाग, आनंद के विषय पर ज्ञान संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगा। इसके अंतर्गत राज्य आनंद संस्थान भी गठित करने की योजना है। ज्ञात हो कि सरकार के द्वारा आनंद विभाग  गठन के पूर्व  संयुक्त राष्ट्र संघ ,भूटान,अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय प्रबंध संस्थान द्वारा नागरिकों के आनंद की स्थिति के आकलन के लिए अपनाए जाने वाले पैमानों का बारीकी से अध्यन किया था। सूत्र बतलाते हैं कि विभाग के प्रस्तावित सेट-अप में अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी, निदेशक- अनुसंधान, निदेशक-समन्वयन,  लेखाधिकारी के एक-एक पद के साथ चार अनुसंधान सहायक, 6 कनिष्ठ सहायक और 5 भृत्य  के पदों का सृजन किया गया है। सरकार द्वारा आनंद विभाग के संचालन के लिये 3 करोड़ 60 लाख 80 हजार रुपए का बजट प्रस्ताव भी किया गया है। जानकारों की माने तो राज्य में हाल ही में अस्तित्व में आने वाला नया विभाग आनंद तथा कुशलता को मापने के पैमानों की पहचान एवं उन्हें परिभाषित करने की दिशा में कार्य करेगा। प्रदेश में आनंद का प्रसार बढ़ाने की दिशा में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के साथ ही आनंद की अवधारणा का नियोजन, नीति निर्धारण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को मुख्य धारा में लाने का काम भी करेगा। नये विभाग में आनंद की अनुभूति के लिए एक्शन-प्लान तथा गतिविधियों का निर्धारण भी होगा। लगातार  अंतराल पर  मापदंडों  पर प्रदेश के नागरिकों की मन:स्थिति का आकलन भी करेगा। आनंद की स्थिति पर सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रकाशित करने के साथ ही आनंद के प्रसार के माध्यमों और उनके आकलन के मापदंडों में सुधार के लिए लगातार अनुसंधान किया जायेगा। 

देश में अनूठी पहल -

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने आनंद विभाग के गठन पर श्री का स्वागत योग्य कदम बताया है।  उन्होंने कहा कि आनंद विभाग आनंद के विषय पर एक ज्ञान संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही आनंद विभाग के अंतर्गत राज्य आनंद संस्थान भी गठित किया जायेगा। यह देश में अपने तरह की अनूठी पहल है। राज्य सरकार ने इस विभाग के गठन के निर्णय के पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ ही भूटान और अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय प्रबंध संस्थान द्वारा नागरिकों के आनंद की स्थिति के आकलन के लिए अपनाए गए पैमानों का पर्याप्त अध्ययन किया है। आनंद विभाग आनंद एवं कुशलता को मापने के पैमानों की पहचान और उन्हें परिभाषित करने का काम करेगा।  

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