4 माह पूर्व मृत शासकीय सेवक का मूल विभाग में वापिसी का आदेश

मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने किया आदेश जारी

डा.एल.एन.वैष्णव



भोपाल/ 18/12/2018/मध्यप्रदेश में नयी सरकार के शपथ लेते ही मंत्रीयों एवं दर्जा प्राप्त के पास सेवायें देने वाले कर्मचारियों के मूल विभाग में वापिसी के आदेश जारी कर दिये गये हैं। संबधित विभाग के आला अधिकारी अनेक जगहों पर हडबडी में कुछ निर्णय ले रहे हैं जिसके चलते उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिंह अंकित होने लगे हैं? ताजा मामला सामान्य प्रशासन विभाग 17 दिसम्बर 2018 को जारी आदेश का है जिसमें एक स्वर्गीय कर्मचारी को भी 3 दिवस में मूल विभाग में वापिसी का आदेश जारी कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ 02/12/2018/एक/7-2/स्थापना के अनुसार तत्कालीन मुख्य मंत्री तथा उनके मंत्री परिषद का त्याग स्वीकृत होने के फलस्वरूप मंत्री/राज्य मंत्री/राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की निजि स्थापना में पदस्थ शासकीय सेवकों को मूल विभाग में 03 दिवस में तत्काल प्रभाव से उनके पेतृक विभाग/कार्यालय में वापिस करने के आदेश जारी किये हैं। सामान्य प्रशासन के अवर सचिव (स्थापना) मधु नाहर के हस्ताक्षर से जारी आदेश में लगभग 90 कर्मचारियों को मूल विभाग में वापिसी के लिये कहा गया है। वहीं उक्त आदेश में एक स्वर्गीय शासकीय सेवक को भी मूल विभाग में वापिस होने कहा गया है? प्राप्त जानकारी के अनुसार रामजीवन विश्वकर्मा नामक शासकीय कर्मचारी जो कि मध्यप्रदेश शासन के तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार)लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,संसदीय कार्य मंत्री शरद जैन के यहां सेवायें देने वाले रामजीवन विश्वकर्मा को देहांत 29 जुलाई 2018 को हो गया था। उक्त आदेश में तत्कालीन मंत्री श्री जैन के स्टाफ की सूची में 03 नंबर पर नाम एवं पेतृक विभाग कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग जबलपुर दर्शाया गया है। उक्त आदेश को लेकर अनेक प्रश्न और चर्चायें उपज रहीं हैं कि एैसा तो नहीं कि वेतन और अन्य मामलों में भी कुछ एैसा ही हो रहा हो?

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