दमोह आपकी जन्म भूमि,आप यहां के कर्जदार- प्रहलाद सिंह पटेल -पर्यटक सुविधा स्थल बेलाताल झील का लोकापर्ण -आधुनिक रूप में दिखलायी देगा बेलाताल दमोह को मिली सौगात डा.एल.एन.वैष्णव दमोह/06 OCT.2023/आज हम सब का स्वप्न साकार हो रहा है नगर के मध्य बने बेलाताल प्रांगण में निर्मित यह स्थल सभी के लिये महत्वपूर्ण स्थान है इसलिये हम सभी की जिम्मेदारी भी बडी हो जाती है कि हम सभी क्षेत्र को संरक्षित एवं स्वच्छ रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करने का संकल्प लें यह बात दमोह के सांसद एवं भारत सरकार के केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कही। श्री पटेल दमोह नगर में स्थित अति प्राचीन सरोवर क्षेत्र में नव निर्मित पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की केन्द्रीय वित्तीय सहायता योजना अंतर्गत पर्यटक सुविधा स्थल के लोकापर्ण के अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सार्वजनिक सम्पत्तियां तभी विपत्ति में आती हैं जब नागरिक इनकी चिंता नहीं करते इसलिये हम सभी की जिम्मेदारी है कि सभी को समझाईस दें कि वह किसी प्रकार का नुकसान न करें। उन्होने कहा कि यह क्...
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नाना साहबपानसे स्मृति कार्यक्रम उचित गरिमा मिलनी चाहिए -प्रहलाद पटेल
दमोह सांसद प्रहलाद पटेल ने संसद मे रखी बात दमोह (मध्य प्रदेश)04/03/2016 देश की सबसे पुरानी संगीत परम्पराओं में दूसरे नम्बर की संगीत परम्परा मृदंग सम्राट, नाना साहबपानसे स्मृति कार्यक्रम की 121वीं गुरु परम्परा 2015 मेरे संसदीय क्षेत्र दमोह ग्राम बकायन में सम्पन्न हो गई | लेकिन देश की पुरातन इस परम्परा को यथा उचित गरिमा मिलनी चाहिए | दमोह (मध्य प्रदेश) के एक छोटे से गाँव बकायन में यह परम्परा अनवरत रुप से चल रही है | एक परिवार का इस परम्परा को जीवित रखने में विशिष्ट योगदान है | समय के साथ मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने कार्यक्रम के लिए कुछ राशि देना प्रारंभ किया है, लेकिन देश एवं देश के बाहर से आने वाले कलाकारों एवं साधकों को रुकने, साज-सज्जा के लिए सौंदर्य कक्ष तथा कार्यक्रम के आयोजन के लिए सामुदायिक भवन, तथा स्टेज लाइट तथा साऊन्ड सिस्टम जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से यह कार्यक्रम वंचित है | प्रतिवर्ष मिलने वाली सहयोग राशि अपर्याप्त है | अत: भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय इन आवश्यकताओं के पूर्ति के लिए धन की स्वीकृति प्रदान करें ताकि यह गौरवशाली दीर्घकालीन परम्परा अनवरत चलत...
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