सात हजार से अधिक ने लिया सात जन्मों तक साथ रहने की शपथ
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अब तक 7 हजार 375 जोडे परिणय सूत्र में बंधे
डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव
दमोह/ 06 अगस्त 2018 /मुख्य मंत्री कन्यादान योजना जी हां वह योजना जिसके चलते एक ही मंडप के नीचे हजारों जोडों ने परिणय सूत्र बंध योजना का लाभ उठाया। मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक न्याय संचालनालय के पत्र क्रमांक /1056/1596/2006/26-2/1-08/2006/26-2/10 मार्च 2006 के अनुसार जिला मुख्यालय पर तहसील ग्राउंड में 57 विवाह से प्रारंभ हुई मुख्य मंत्री कन्यादान योजना का क्रम अब हजार के आंकडे को पार कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 7 हजार 375 परिणय सूत्र में बंध कर उक्त योजना का लाभ उठा चुके हैं। वहीं मात्र छैःहजार रूपये के मान से जहां प्रति विवाह करने की योजना प्रारंभ में थी अब बढकर 28 हजार पर पहंुच चुकी है। अगर यह कहा जाये कि जिस हिसाब से वस्तुओं की कीमत और मजदूरों की मजदूरी में ईजाफा हुआ तो उसी अनुपात में प्रति विवाह की राशि को बढाने मे ंप्रदेश सरकार ने सराहनीय कदम उठाया तो शायद अतिश्योक्ति नहीं होगी।कन्यादान योजना,समरसता,सहायता का अनुठा उदाहरण-
मुख्य मंत्री कन्यादान योजना के उद्देश्य पर दृष्टि डालें तो कन्या विवाह मध्यम,निम्न वर्ग के लिये काफी चुनौति भरा होता था। प्रदेश सरकार के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने चुनौति को अपने उपर ले लिया और फिर प्रारंभ हुई मुख्य मंत्री कन्यादान योजना जिसमें गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/ परित्याक्ता के विवाह के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया। विदित हो कि भारतीय समाज में कन्यादान यानि उसके विवाह की फिक्र प्रत्येक माता पिता को रहती है। अगर निर्धन गरीब परिवार है तो उसकी समस्या तो अधिक गंभीर हो जाती है। इसी बडी समस्या से मुक्ति दिलाने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान की विशेष पहल पर यह योजना शुरु की गई। एैसा नहीं कि योजना का लाभ सिर्फ सनातन धर्म को मानने वाले अर्थात् हिन्दु ही उठा सकते हैं इसमें भारत बर्ष में रहने वाले प्रत्येक वर्ग समुदाय के लोगों को सम्मिलित किया गया है।
जिले में 7 हजार 375 को मिला योजना का लाभ-
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में योजना प्रारंभ से लेकर अब तक 7 हजार 375 विवाह सम्पन्न उक्त योजना के तहत हुये हैं। यानि देखा जाये तो 14 हजार 750 लोगों को लाभ मिल चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर तहसील ग्राउंड में मुख्य मंत्री कन्यादान योजना के प्रारंभ होते ही प्रथम आयोजन दमोह जनपद पंचायत में बर्ष 2006-07 में दिनांक 19 मई 2007 को तत्कालीन कलेक्टर डा.पवन शर्मा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ था। जिसमें 57 जोडे परिणय सूत्र में बंधे थे। जिसमें प्रति जोडे के मान से छैःहजार से व्यय मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशानुसार व्यय किये गये थे। बर्ष 2007-08 में परिणय सूत्र में बंधने वालों की संख्या 162 हो गयी जिसमें जिले के दमोह,हटा,पथरिया,हिन्डोरिया एवं जबेरा में भी आयोजन अलग-अलग तिथियों में सम्पन्न कराये गये। जिसमें व्यय होने वाली राशि प्रति विवाह 7 हजार 500 कर दी गयी थी। वहीं बर्ष 2008-09 में जिले में अलग-अलग तिथियों में आयोजन सम्पन्न हुये जिनमें परिणय सूत्र में बंधने वालों की संख्या 416 पर पहुंच गयी। आम जनमानस का रूझान योजना की तरफ तेजी आने लगा था। बर्ष 2009-10 में 76 तो बर्ष 2010-11 में 202,बर्ष 2011-12 मेें 261,बर्ष 2012-13 में 841,बर्ष 2013-14 में 938,बर्ष 2014-15 में 824 और बर्ष 2015-16 में यह आंकडा हजार को पार कर गया जिसमें 1 हजार 39 जोडे परिणय सूत्र में बंधे। बर्ष 2016-17 में 660 तो बर्ष 2017-18 में 1 हजार 469 एवं बर्ष 2018-19 में 13 मई 2018 के आंकडे के अनुसार 386 जोडे परिणय सूत्र में बंधे।
समय के अनुसा व्यय राशि बढी-
मुख्य मंत्री कन्यादान योजना छैःहजार रूपये प्रति जोडे के मान से खर्च करने से प्रारंभ हुई जो कि वर्तमान में 28 हजार रूपये प्रति जोडे पर व्यय की जाने लगी है। समय के अनुरूप राशि और योजना के स्वरूप को भी बदलने का क्रम जारी रहा जिसका लाभ आमजन उठा रहे हैं। वर्तमान में प्रति जोडे के उपर होने वाले व्यय पर दृष्टि डालंे तो संबधित विभाग के द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 17 हजार रूपये का चेक कन्या के नाम से,पांच हजार रूपये कपउे,बिछिया,पायजेब चंादी के,सात बर्तन,आयोजन पर व्यय तीन हजार एवं स्मार्ट फोन तीन हजार रूपये यानि कुल 28 हजार रूपये के मान से मध्यप्रदेश सरकार व्यय कर रही है।

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