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बाधा रहित यातायात की योजना पर पुलिस का कार्य प्रारंभ

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शहीदों का स्मरण किये श्रृद्धा सुमन अर्पित;पुलिस परेड ग्राउंड पर देश भर क...

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निर्जला रहने पर भी चांद की तरह दमकती करवा चौथ में स्त्रियां.

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vaishnav today patrika: बेटी बचाओ बेटी पढाओ नारा हमारा सरकार ने की सराहना ...

vaishnav today patrika: बेटी बचाओ बेटी पढाओ नारा हमारा सरकार ने की सराहना ... : वैष्णव बैरागी समाज का देश में एक बडा योगदान-मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा श्रीवैष्णव बैरागी ब्राम्हण समाज का प्रांतीय अधिवेश...

श्रीराम ने किया रावण का वध तो हनुमान ने लंका दहन

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श्रीराम ने किया रावण का वध तो हनुमान ने लंका दहन   श्रीरामजी सेवा समिती के तत्वाधान में 37 वां आयोजन  श्रीवैष्णव परिवार द्वारा आयोजित लीला प्रभुश्रीराम का मंचन  दमोह/11/10/2016 प्रभु श्रीराम ने जहां आताताई रावण का वध किया तो वहीं पवन पुत्र हनुमान ने सम्पूर्ण स्वर्णमयी लंका को आग लगाकर ध्वस्त कर दिया। इसी बीच जय-जय श्रीराम के जयकारों के साथ पूरा परिसर सहित आकाश भी गुंजायमान हो रहा था। दर्शक तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह वर्धन करने में लगे हुये थे और एकदम सजीव चित्रण रामलीला के माध्यम से कर रहे कलाकार अपने पात्र को पूरे जी जान से जीने की कोशिश में लगे हुये थे। यह नजारा था स्थानीय तहसील ग्राउंड का जहां विशाल रावण के पुतले के दहन को लेकर आयोजन चल रहा था। विदित हो कि जिला मुख्यालय पर होने वाले उक्त आयोजन का यह 37 वां बर्ष था जो कि श्रीराम जी सेवा समीति के द्वारा किया जाता है जिसके अध्यक्ष बजरंगबली स्वयं होते हैं। इसमें कार्य करने वाले सभी राम भक्त एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाहन करते हैं। इस बर्ष उक्त आयोजन का शुभारंभ  स्थानीय विधायक ...

सडक पर हिचकोले खाने का लग रहा टेक्स

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डीएवीपी की विज्ञापन नीति में संशोधन क्‍यों ? - डॉ. मयंक चतुर्वेदी

डीएवीपी की विज्ञापन नीति में संशोधन क्‍यों ? - डॉ. मयंक चतुर्वेदी विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) की विज्ञापन नीति में पहले भारत सरकार की ओर से देश की तीन बड़ी संवाद समितियों को वरीयता दी गई थी, साथ में सभी समाचार पत्र-पत्रिकाओं से कहा गया था कि इन तीन में से किसी एक की सेवाएं लेना अनिवार्य है। जैसे ही यह निर्देश डीएवीपी की वेबसाइट पर आए, देशभर में जैसे तमाम अखबारों ने विरोध करना शुरू कर दिया। यह विरोध बहुत हद तक इस बात के लिए भी था कि क्‍यों समाचार पत्रों के लिए सरकार की इस विज्ञापन एजेंसी ने अंक आधारित नियम निर्धारित किए हैं। इन नियमों के अनुसार प्रसार संख्‍या के लिए एबीसी या आरएनआई प्रमाण पत्र होने पर 25 अंक, समाचार एजेंसी की सेवा पर 15 अंक, भविष्‍य निधि कार्यालय में सभी कर्मचारियों का पंजीयन होने पर 20 अंक, प्रेस कॉन्‍सिल की वार्ष‍िक सदस्‍यता लेने के बाद 10 अंक, स्‍वयं की प्रेस होने पर 10 अंक और समाचार पत्रों के पृष्‍ठों की संख्‍या के आधार पर अधिकतम 20 से लेकर निम्‍नतम 12 अंक तक दिए जाएंगे। इस नई विज्ञापन नीति के आने के बाद से जैसे ज्‍यादातर अखबारों को जो अब तक...