श्रीराम विग्रह में 22 जनवरी को होगी प्राण प्रतिष्ठा भव्य महोत्सव का आयोजन आचार्य पं.नारायण दास वैष्णव इंदौर/श्री रामजन्म भूमि मंदिर के लिये 500 वर्ष तक सतत चला संघर्ष , वास्तव में हमारी संस्कृति की अक्षुण्णता का ध्योतक रहा है । स्वतंत्रता के बाद हुआ श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन भारत की अस्मिता और पहचान का संघर्ष था। श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भारतीय स्वाभिमान एवं गौरव की पुनर्स्थापना है। यह राममंदिर से राष्ट्रमंदिर के अप्रतिम भाव का प्रतीक भी है। जन-जन के मन में प्रभु श्रीराम के प्रति जो आस्था है , उसके प्रकटीकरण का चरम इस अवसर पर दृष्टिगत हो रहा है। समाज में भी अपने अपने मनोभाव से इस अवसर पर विशिष्ट भावों का प्रकटीकरण विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से होगा। इन्ही विषय को लेकर मालवा प्रान्त के 12 हजार से अधिक गांवों तथा 8 हजार से अधिक नगरीय मोहल्लों में हजारों टोलियां घर-घर संपर्क करेंगी। दो हजार से अधिक समयदानी कार्यकर्ता दस दिन के लिए अपने घर से दूर गाँव मोहल्ले में रहकर इस अभियान की टोलियों का गठन करेंगे। हर तहसील में सामाजिक सद्भाव बैठक होंगी। हिन...